मंडी। हिमाचल प्रदेश की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। चाहे खेल का मैदान हो या अन्य क्षेत्र, हिमाचल की बेटियां अपनी मेहनत और लगन से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। सूबे की होनहार बेटियां अपनी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

देशभर की टॉपर बनी प्रतिभा

इन होनहार बेटियों की ये सफलताएं न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। इसी कड़ी में मंडी जिले की बेटी प्रतिभा ने भी होनहारों की सूची में अपना नाम जोड़ लिया है। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रतिभा ने AIIMS की भर्ती परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है।

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AIIMS भर्ती परीक्षा में पहला रैंक

उपमंडल सुंदरनगर के जरल गांव की रहने वाली प्रतिभा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देशभर के बच्चों को पछाड़ दिया है। प्रतिभा ने AIIMS सामान्य भर्ती परीक्षा (CRI) में देशभर में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

 

प्रतिभा ने पहले PGI चंडीगढ़ से लैब तकनीशियन का प्रशिक्षण लिया। फिर अब AIIMS की पैरामेडिकल भर्ती परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर टॉप किया। प्रतिभा का ये उपलब्धि हासिल करना पूरे हिमाचल के लिए बेहद गर्व की बात है।

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दिहाड़ी मजदूर है बेटी है प्रतिभा

प्रतिभा के पिता सुरेंद्र दिहाड़ी मजदूर हैं। जबकि, मां गृहिणी है। आर्थिक तंगी के बावजूद प्रतिभा के माता-पिता ने कभी उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। प्रतिभा ने बताया कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाय और उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। नतीजन आज उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल कर माता-पिता का नाम पूरे प्रदेश और देश में रोशन कर दिया है।

भावुक हुई मां, नहीं थम रहे आंसू

प्रतिभा के माता-पिता ने बताया कि प्रतिभा बचपन से ही पढ़ने में काफी होनहार थी। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी बेटी ने मेहनत के दम पर देशभर में उनका नाम रोशन कर दिया है। प्रतिभा की सफलता के बाद घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया है। बेटी की इस सफलता के बाद मां भावुक हो गई है। उनके खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

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डॉक्टर बनने का था सपना

प्रतिभा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। प्रतिभा ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनने का था। मगर पैसों की तंगी के कारण उन्हें पैरामेडिकल क्षेत्र चुनना पड़ा। हालांकि, वो खुश हैं कि उन्होंने इसमें भी बड़ा मुकाम हासिल कर देश के किसी भी AIIMS ने नौकरी करने का रास्ता साफ किया है।

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