कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आए दिन भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने आदि जैसी घटनाएं पेश आ रही हैं। इसी कड़ी में अब ताजा मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले से सामने आया है।
अस्पातल के पास हुआ भूस्खलन
जिला कांगड़ा के नागरिक अस्पताल ज्वाली परिसर में सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अस्पताल की पुरानी इमारत के पीछे अचानक भूस्खलन हो गया। इस घटना में पीछे बने अस्थायी मकानों में रह रहे प्रवासी मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
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मलबे की चपेट में आए दो लोग
हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है। इनमें से कुछ को सामान्य तो कुछ को मध्यम दर्जे की चोटें लगी हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनका इलाज जारी है।
इमारत पर मंडरा रहा खतरा
भूस्खलन के कारण अस्पताल की पुरानी इमारत भी अब खतरे की जद में आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश और ढलान की मिट्टी ढीली होने से यह स्थिति बनी है। अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन को इस बारे में सूचना दे दी है।
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खाली करवा दिया भवन
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को अस्थायी तौर पर खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मजदूर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है।
बरसात ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्रामीणों और अस्पताल स्टाफ ने प्रशासन से अपील की है कि अस्पताल के पीछे की पहाड़ी को सुरक्षित बनाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यहां बार-बार ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है।
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मौके पर राहत कार्य जारी
प्रशासन ने प्रभावित मजदूर परिवारों को अस्थायी राहत मुहैया कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में खतरे का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग और तकनीकी टीमों को भी तैनात किया गया है।
