मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सुबह-सवेरे एक बेहद खतरनाक घटना पेश आई है। जोगेंद्रनगर उपमंडल की द्राहल पंचायत में स्कूल जा रहे दो बच्चों और मां पर अचानक रंगड़ों के झुंड ने हमला कर दिया।

सुबह-सवेरे रंगड़ों का हमला

रंगड़ों के हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक घटना के बाद स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों में भय का माहौल बन गया है और क्षेत्र में अफरा-तफरी मची हुई है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : नातिन ने अपने ही नानी घर में डाला डाका, 22 लाख के गहने चुराए- हरियाणा से हुई गिरफ्तार

बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी मां

जानकारी के अनुसार, द्राहल पंचायत के मतकेहड़ गांव की रहने वाली संगीता देवी आज सुबह अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थीं। उनके साथ 8 वर्षीय मुस्कान- जो पांचवीं कक्षा में पढ़ती है और 11 वर्षीय साहिल- जो आठवीं कक्षा का छात्र है मौजूद थे।

स्कूल के गेट के बाहर अटैक

जैसे ही तीनों राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राहल के मुख्य गेट के पास पहुंचे, वहां मौजूद रंगड़ों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मां और बच्चे खुद को संभाल भी नहीं पाए।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में पंजाबियों ने किया कांड : 'चिट्टे के नशे' में चलाई तल*वारें- 2 घायल, पुलिस पर भी सवाल

मौके पर मची चीख-पुकार

रंगड़ों के काटने से तीनों बुरी तरह घबरा गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। बच्चों की आवाजें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह तीनों को रंगड़ों से बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला।

तीनों को सूजन और दर्द

घटना के बाद घायल महिला और दोनों बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सिविल अस्पताल जोगेंद्रनगर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार रंगड़ों के काटने से तीनों के शरीर पर सूजन और दर्द की शिकायत है, हालांकि फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में मैरिज फ्रॉड का मामला : फर्जी निकली पंजाबी दुल्हन, नकली आधार कार्ड दिखा रचाई शादी

पहली बार नहीं हुआ ऐसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले भी रंगड़ों ने एक अन्य व्यक्ति पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। लगातार दूसरे दिन हुई घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

जान के लिए बना खतरा

ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूलों, रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास बने रंगड़ों के छत्ते लोगों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं। उन्होंने मांग उठाई है कि ऐसे छत्तों को जल्द हटाया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें