#हादसा
May 10, 2026
हिमाचल: निर्माणाधीन भवन से गिरी ईंट ने छीन ली 9वीं के छात्र की सांसें, स्कूल से लौट रहा घर
ईंट लगने से घायल छात्र का 11 दिन चला उपचार, पर नहीं बच सकी जान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की मौत हो गई। लाडले बेटे की मौत से परिजनों को गहरा सदमा लगा है। वहीं इस घटना ने ना सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे गांव को शोक में डूबो दिया है।
बता दें कि शिमला के संजौली में हुए एक हादसे में 14 साल के छात्र तनिष कौशल की मौत हो गई। तनिष स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान जब वह एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के नीचे से गुजर रहा था, तभी अचानक ऊपर से एक ईंट सीधे छात्र के सिर पर आ गिरी। इस हादसे में छात्र बुरी तरह से घायल हो गया। जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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9वीं कक्षा में पढ़ने वाला तनिष अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। हादसे के बाद से उसके माता.पिता लगातार भगवान से बेटे के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा मौत को मात देकर फिर घर लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 14 वर्षीय छात्र तनिष कौशल पिछले 11 दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था, आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गया। आज रविवार सुबह इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा 29 अप्रैल की दोपहर को हुआ था। तनिष रोज की तरह स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान संजौली क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन के पास से गुजरते समय ऊपर से अचानक एक ईंट नीचे आ गिरी, जो सीधे उसके सिर पर लगी। ईंट लगते ही छात्र सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया।
परिजनों के मुताबिक डॉक्टर लगातार छात्र को बचाने की कोशिश कर रहे थे। पिता पवन कुमार ने बेटे की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। इलाज के दौरान उसे कई यूनिट खून भी चढ़ाया गया। परिवार हर दिन इस उम्मीद में अस्पताल के बाहर बैठा रहता था कि उनका लाडला जल्द ठीक होकर घर लौट आएगा। लेकिन 11 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद रविवार सुबह तनिष ने अंतिम सांस ली। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार बेसुध हो गया। अस्पताल में मौजूद परिजनों की चीख.पुकार सुन हर किसी की आंखें नम हो गईं।
घटना के बाद अब निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि जिस भवन में निर्माण कार्य चल रहा थाए वहां राहगीरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम बात बन चुकी है और प्रशासन की ओर से भी इस पर सख्ती नहीं दिखाई जाती। हैरानी की बात यह भी है कि इस हादसे के बाद उसी इलाके में एक और व्यक्ति ऊपर से गिरी ईंट की चपेट में आकर घायल हुआ।
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हिमाचल प्रदेश पुलिस ने छात्र की मां की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अब छात्र की मौत के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपना मासूम न खोना पड़े।