कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों को अपनी ओर खींचती हैं। लेकिन बरसात के मौसम में यही खूबसूरत पहाड़ और उफनते नाले कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाते हैं। जरा सी लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा जिला कुल्लू में सामने आया है, जहां ट्रैकिंग के लिए निकले 10 लोगों के दल में शामिल एक युवक की तेज बहाव में बहने से मौत हो गई।

ट्रैकिंग के लिए गया था 10 ट्रैकर्स का दल 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा कुल्लू जिला के मनाली के मझाच नाले में पेश आया है। बताया जा रहा है कि  25 जुलाई की दोपहर 10 ट्रैकर्स का एक दल शनाग और मझाच क्षेत्र से ऊपरी पहाड़ियों की ओर ट्रैकिंग के लिए गया था। ट्रैकिंग पूरी करने के बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।

यह भी पढ़ें : हाद*से ने रुलाया हिमाचल: मां के सीने से लिपटी मिली 6 माह की मासूम, एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

नाला पार करते समय अचानक बढ़ गया पानी का बहाव

वापसी के दौरान जब ट्रैकर्स का दल मझाच नाले को पार कर रहा था, तभी अचानक नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। टीम लीडर तेज बहाव के बीच अपना संतुलन नहीं बना पाए और पानी में बह गए। साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज पानी के कारण वह देखते ही देखते लापता हो गए।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की सूचना मिलते ही मनाली पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए सोलंगनाला से SDRF की टीम को बुलाया गया। इसके बाद रात होने पर NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दोनों टीमों ने पुलिस के साथ मिलकर युवक की तलाश शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस ने HRTC से गिरफ्तार किया युवक, माचिस की डिब्बी में भरा था चिट्टा

रातभर चला सर्च ऑपरेशन

अंधेरा होने के बावजूद बचाव दल ने हार नहीं मानी और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। टीमों ने नाले से लेकर नदी तक कई जगहों पर युवक की तलाश की। लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद अगली सुबह वशिष्ठ के पास ब्यास नदी के किनारे धनंजय वर्मा का शव बरामद हुआ।

भाई ने की शव की पहचान

NDRF और SDRF की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद मौके पर पहुंचे मृतक के भाई कनव वर्मा ने शव की पहचान अपने भाई धनंजय वर्मा के रूप में की। मृतक की पहचान धनंजय वर्मा पुत्र राजेश वर्मा, निवासी उधमपुर, जम्मू के रूप में हुई है।

यह भी पढ़ें-  महिला के घर जबरन घुस किया ब्लैक...मेल, बनाया गंदा वीडियो; पति-पत्नी पर केस

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

पुलिस ने मामले में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस हादसे के बाद ट्रैकिंग दल और मृतक के परिवार में शोक का माहौल है।

पहाड़ों में ट्रैकिंग के दौरान सावधानी जरूरी

यह हादसा एक बार फिर बताता है कि पहाड़ों में ट्रैकिंग के दौरान मौसम और नदी-नालों के जलस्तर को लेकर बेहद सावधानी बरतना जरूरी है। अचानक होने वाली बारिश या ऊपर पहाड़ों में बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण नालों और नदियों का पानी कुछ ही समय में खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है।