शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से बिजली कर्मचारी की मौत की खबर शायद चर्चा का विषय ना बनी हो। मगर अब सरकार का ध्यान इस ओर खींचना जरूरी है। बता दें कि सोलह मिल के पास काम करते वक्त करंट लगने से बिजली बोर्ड के टीमेट की मौत हो गई थी। टीमेट का नाम हरविंदर (29) था जो बिजली के खंभे पर चंढ़कर सर्विस वायर जोड़ रहे थे। इसी दौरान करंट लगने से उसकी हरविंदर की मौत हो गई।

पुलिस का बड़ा एक्शन

हरविंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने बिजली बोर्ड के अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया है और ये केस लापरवाही बरतने के चलते फाइल किया गया है।

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क्यों अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस ?

पुलिस मामले की जांच में बिजली बोर्ड से टीमेट के कार्यक्षेत्र और दूसरी जानकारियों को खंगालेगी। बता दें कि हरविंद्र के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर ये एक्शन लिया गया है। हरविंदर कांगड़ा जिले के तियाल देहरा के रहने वाले थे। गौरतलब है कि हरविंद्र के पिता बिजली बोर्ड से ही रिटायर हुए हैं। जवान बेटे की मौत के बाद पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

किस वजह से होती है लापरवाही ?

बिजली बोर्ड में किसी कर्मचारी की मौत की खबर नई नहीं है। इस तरह की खबरें कुछ समय के अंतराल में आती रहती हैं। दरअसल बिजली बोर्ड में स्टाफ की कमी होने के चलते मौजूदा कर्मचारियों पर बोझ बढ़ता है। अकेले काम करने के दौरान कर्मचारी सेफ्टी गेयर को साथ नहीं ले जा पाते। ऐसे में बिना सेफ्टी और भारी लापरवाही के चलते कर्मचारी अपनी जान खो देते हैं। गौर करने वाली बात है कि शटडाउन के दौरान बिजली लाइनों की मरम्मत का काम करने के दौरान भी कई कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं।

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डेढ़ महीने पहले ही हुई थी शादी

जवान बेटे को इस तरह के हादसे में खो देना माता-पिता व अन्य परिजनों के लिए गहरे सदमे से कम नहीं। सबसे ज्यादा दुखद बात ये है कि जिस लड़की ने हरविंद्र के साथ शादी कर ढ़ेरों सपने बुने होंगे उस लड़की का सुहाग एक झटके में उजड़ गया। दोनों की शादी लगभग डेढ़ महीने पहले ही हुई थी।

 

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाला है। जिस घर का माहौल खुशियों भरा था अब वहां सब गमगीन है। जहां शहनाई बजी थी, जहां बेटा डोली में अपनी दुल्हन को साथ लेकर आया था, अब उसी आंगन से उसी घर के चिराग की अर्थी निकली।

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खाना खाने बैठे थे दोनों

बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन विद्युत हरविंदर ड्यूटी पर गया था। दोपहर करीब एक बजे वो खाना खाने के लिए घर आया था। वो अभी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा ही था। इसी बीच उसे एक जरूरी शिकायत पर खाना छोड़कर वापस ड्यूटी पर जाना पड़ा।

जल्द आता हूं वापिस

हरविंदर पत्नी से कहकर निकला कि वो जल्द काम खत्म करके वापस आएगा। फिर दोनों साथ में खाना खाते हैं। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पत्नी घर पर पति का इंतजार करती रही और उधर पति की सांसें थम गईं।

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