सोलन। चंडीगढ़ के रामदरबार क्षेत्र में शनिवार शाम इमारत गिरने की दर्दनाक घटना में हिमाचल प्रदेश के सोलन निवासी एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोलन के टैंक रोड स्थित नानक विला निवासी राजिंदर मोहन कौशिक के पुत्र तरुण कौशिक के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे सोलन में शोक की लहर दौड़ गई है।
5 घंटे तक मलबे में फंसा रहा
जानकारी के अनुसार, तरुण कौशिक अपने साथी तरुण जैन के साथ उस भवन में मौजूद था, जिसे कुछ दिन पहले किराये पर लेकर दोपहिया वाहन की एजेंसी खोलने की तैयारी की जा रही थी। इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान शाम करीब साढ़े चार बजे भवन अचानक भरभराकर गिर गया और दोनों युवक मलबे के नीचे दब गए।
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अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। बाद में एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। तरुण जैन को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि तरुण कौशिक को सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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10 दिन पहले ही लिया था भवन किराये पर
बताया जा रहा है कि तरुण कौशिक समेत चार साझेदारों ने करीब 10 दिन पहले ही इस भवन को किराये पर लिया था। यहां दोपहिया वाहन की डीलरशिप शुरू करने की तैयारी चल रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भवन की मरम्मत के दौरान एक सपोर्ट बीम हटाए जाने के बाद पूरी इमारत ढह गई। हालांकि हादसे के सही कारणों की प्रशासनिक जांच जारी है।
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पांच मजदूरों को बचाया गया
हादसे के दौरान मलबे में दबे पांच मजदूरों को राहत टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य का उपचार जारी है।
प्रशासन करेगा जांच
चंडीगढ़ प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
