#हादसा
August 17, 2026
हिमाचल : वीडियो बनाने उफनती नदी में उतरे 4 यार, तेज बहाव में फंसे- लोगों की अटकी सांसें
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है
शेयर करें:

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की मणिकर्ण घाटी में बरसात के दौरान पर्यटकों की लापरवाही एक बार फिर परेशानी का कारण बन गई। कसोल के पास पार्वती नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से चार दोस्त नदी के बीच एक चट्टान पर फंस गए।
इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नदी का बढ़ता जलस्तर देख जहां युवकों के चेहरों का रंग उड़ गया। वहीं, मौके पर मौजूद अन्य लोगों की सांसें अटक गई।
जानकारी के अनुसार, चारों पर्यटक अपने दोस्तों के साथ मणिकर्ण घूमने पहुंचे थे। रविवार दोपहर करीब तीन बजे वे पार्वती नदी के किनारे वीडियो बनाने चले गए। मस्ती के दौरान चारों नदी के बीच मौजूद एक चट्टान पर जाकर बैठ गए। उस समय नदी का जलस्तर सामान्य दिखाई दे रहा था, इसलिए उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में स्थिति बदल सकती है।
इसी दौरान नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा। पानी बढ़ने के कारण जिस चट्टान पर चारों पर्यटक बैठे थे, वह धीरे-धीरे पानी में डूबने लगी। जब पर्यटकों को खतरे का अहसास हुआ, तब तक नदी का बहाव तेज हो चुका था और किनारे तक वापस पहुंचने का रास्ता सुरक्षित नहीं बचा था। चारों घबरा गए और मदद के लिए इंतजार करने लगे।
नदी के किनारे मौजूद स्थानीय लोगों की नजर जब चारों पर्यटकों पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत स्थिति को समझते हुए बचाव की कोशिश शुरू की। स्थानीय युवकों ने प्रशासन और पुलिस को भी इसकी सूचना दी। इसके बाद डुंखरा निवासी शंकर, मंगल सहित अन्य युवक रस्सी लेकर मौके पर पहुंचे।
स्थानीय युवकों ने अपनी जान जोखिम में डाले बिना सावधानीपूर्वक रस्सी की मदद से पर्यटकों को नदी के बीच से बाहर निकालने का प्रयास किया। करीब आठ मिनट तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों पर्यटकों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया गया।
बताया गया कि पर्यटक करीब आधे घंटे तक नदी के बीच फंसे रहे थे। रेस्क्यू में शामिल शंकर ने बताया कि जैसे ही उन्हें पर्यटकों के नदी के बीच फंसे होने की जानकारी मिली, वे तुरंत घर से रस्सी लेकर मौके पर पहुंचे। स्थानीय युवकों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और सभी चारों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सुरक्षित बाहर निकलने के बाद पर्यटकों ने बताया कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ सकता है। जब पानी चट्टान तक पहुंचने लगा तो उन्हें खतरे का एहसास हुआ। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने के कारण वे काफी घबरा गए थे। पर्यटकों ने स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मदद मिलने से उनकी जान बच सकी। स्थानीय युवकों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।
घटना के बाद आपदा मित्र एवं आपदा ट्रेनर शिव राम ने घाटी में आने वाले पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के साथ-साथ बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण भी नदियों का बहाव तेज हो सकता है।
कार्यवाहक उपायुक्त सुरजीत सिंह राठौर ने भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में बारिश का दौर जारी रहने के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी के किनारे या नदी के बीच चट्टानों पर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि रोमांच और मौज-मस्ती के लिए अपनी सुरक्षा से समझौता न करें। खासकर बरसात के मौसम में नदी के किनारे जाने से पहले मौसम, जलस्तर और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को जरूर ध्यान में रखें।