नाहन। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही सर्पदंश के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बारिश के मौसम में सांप और अन्य विषैले जीव-जंतु अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा और बढ़ जाता है। इसी बीच सिरमौर जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।

यहां एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके 18 वर्षीय बेटे की सर्पदंश के कारण मौत हो गई। युवक की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

विषैले सांप के डसने से गई युवक की जान

जानकारी के अनुसार यह घटना सिरमौर जिले की नाहन तहसील के कोंथरो (मौजा देवानी) क्षेत्र की है। मृतक युवक की पहचान 18 वर्षीय अरमान अली पुत्र महमूद अली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक को किसी विषैले सांप ने डस लिया था। घटना का पता चलते ही परिजन उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास में जुट गए, लेकिन जहरीले जहर का असर इतना तेजी से फैला कि उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

 

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खुशियां मातम में बदलीं

परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिस बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने परिवार देख रहा था, उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे घर को गहरे दुख में डुबो दिया है। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे और गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अरमान अली एक मिलनसार और मेहनती युवक था, जिसकी अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क

घटना की पुष्टि करते हुए प्रशासन ने लोगों से बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि वर्षा ऋतु के दौरान सांपों और अन्य विषैले जीवों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए ग्रामीण और खेतों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

 

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इन स्थानों पर बरतें विशेष सावधानी

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खेतों, झाड़ियों, घास वाले क्षेत्रों, लकड़ियों के ढेर, पत्थरों के आसपास और सुनसान स्थानों पर जाते समय विशेष सावधानी रखें। रात के समय बाहर निकलते वक्त टॉर्च का इस्तेमाल करें और किसी भी स्थान पर बिना देखे हाथ या पैर न रखें। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के भरोसे रहने के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते उपचार मिल सके।

 

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बरसात में बढ़ जाता है खतरा

हर वर्ष मानसून के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से सर्पदंश की घटनाएं सामने आती हैं। बारिश के कारण सांप अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकल आते हैं और कई बार रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। सिरमौर की यह घटना एक बार फिर लोगों को सावधान रहने का संदेश दे रही है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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