शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ एवं विधवा सेस’ लगाने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के इस अहम फैसले को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद अब प्रदेश में ईंधन की पहली बिक्री पर यह सेस वसूला जा सकेगा।
अधिकतम 5 रुपए लगेगा सेस
नए प्रावधान के तहत पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक ‘अनाथ और विधवा उपकर’ लगाया जा सकेगा। हालांकि, सरकार समय-समय पर इसकी दर तय करेगी और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस सेस का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा या नहीं। यानी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है।
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इस वर्ग पर खर्च होगा सेस का पैसा
यह फैसला हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समाज के वंचित वर्गों—खासतौर पर अनाथ बच्चों और विधवाओं—के कल्याण के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है। सेस से जुटाई गई पूरी राशि एक विशेष ‘अनाथ एवं विधवा कल्याण निधि’ में जमा की जाएगी, जिसका उपयोग इन्हीं वर्गों के हित में किया जाएगा। इस संबंध में विधि विभाग द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यह संशोधन हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 में बदलाव के जरिए लागू किया गया है।
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क्या बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम
राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार इसे सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इससे ईंधन के दामों में बढ़ोतरी होगी या सरकार इसे किसी अन्य तरीके से समायोजित करेगी। फिलहाल इतना तय है कि आने वाले समय में इस सेस की दर और इसके प्रभाव को लेकर सरकार की अगली अधिसूचना पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
