शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अब अवैध निर्माण करने वालों की खैर नहीं है। शिमला शहर में अवैध निर्माण करने वालों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। इन अवैध निमार्णों पर अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर बुलडोजर चलाया जाएगा। जिससे पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है। नगर निगम ने शिमला शहर में अवैध निर्माण करने वालों की लिस्ट तैयार कर ली है।

नगर निगम चलाएगा बुलडोजर

नगर निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि शहर में नियमों को दरकिनार कर खड़े किए गए निर्माण अब किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे। करीब 150 से अधिक मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हो चुके हैं और प्रशासन अब इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सख्ती के इस रुख को लेकर शहर में चर्चा तेज है कि अब शिमला में भी बुलडोजर नीति के तहत अवैध निर्माणों पर कड़ा प्रहार देखने को मिलेगा।

 

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समयसीमा खत्म, अब सीधी कार्रवाई

नगर निगम ने पहले ही संबंधित लोगों को चार सप्ताह का समय दिया था कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, लेकिन अधिकांश मामलों में आदेशों की अनदेखी की गई। अब तय समयसीमा समाप्त होने के बाद निगम प्रशासन खुद मैदान में उतरने जा रहा है। जिन लोगों ने अभी तक निर्माण नहीं हटाए हैं, उनके खिलाफ बिना किसी और मोहलत के कार्रवाई की जाएगी।

अंतिम चेतावनी के बाद कड़ा कदम

प्रशासन की ओर से सभी संबंधित पक्षों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। साफ कहा गया है कि अब यदि आदेशों की पालना नहीं हुई तो सीधे बुलडोजर चलाकर निर्माण गिराए जाएंगे। इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

 

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खर्च भी वसूला जाएगा, सुविधाएं भी कटेंगी

नगर निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि ध्वस्तीकरण की पूरी लागत संबंधित निर्माणकर्ताओं से ही वसूली जाएगी। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान संबंधित भवनों के बिजली और पानी के कनेक्शन अस्थायी रूप से काट दिए जाएंगे। इससे यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि नियमों का उल्लंघन अब भारी पड़ेगा।

पुराने मामलों पर भी गिरी गाज

यह कार्रवाई केवल नए मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2016 से लंबित पड़े पुराने मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है। आयुक्त न्यायिक प्रक्रिया के तहत इन मामलों की सुनवाई कर चुके हैं और जिन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध पाया गया है, उन पर अब सख्ती तय मानी जा रही है।

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दस्तावेज सही तो राहत संभव

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं और जिनका निर्माण नियमों के अनुरूप पाया जाएगा, उन्हें राहत मिल सकती है। लेकिन जिनके कागजात अधूरे या नियमों के खिलाफ हैं, उनके लिए अब कोई बचाव नहीं होगा। शिमला में शुरू होने जा रही यह बड़ी कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया जा चुका है। आने वाले दिनों में शहर में कई स्थानों पर बुलडोजर की गूंज सुनाई दे सकती है, जो नियमों के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी साबित होगी।

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