रामपुर (शिमला)।  हिमाचल की राजधानी शिमला के रामपुर बुशहर में हाल ही में हुए दर्दनाक एचआरटीसी बस हादसे के बाद प्रदेश सरकार की ओर से राहत और सहायता का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह शुक्रवार को महात्मा गांधी सेवा चिकित्सालय रामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल हुए यात्रियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

 

मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर उपचाराधीन घायलों से बातचीत की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

चिकित्सकों से ली उपचार की जानकारी

अस्पताल दौरे के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ भी बैठक की। उन्होंने प्रत्येक घायल को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए। मंत्री ने कहा कि घायल यात्रियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं ताकि सभी घायल जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकें।

 

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परिजनों ने मंत्री के सामने उठाया यह मुद्दा

अस्पताल में मौजूद घायलों के परिजनों ने इस अवसर पर मंत्री के समक्ष एक अहम मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से पुरानी और जर्जर बसें संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं बनी रहती हैं। परिजनों ने आग्रह किया कि रामपुर और आसपास के रूटों पर नई और आधुनिक बसों को लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके और यात्रियों को सुरक्षित सफर मिल सके।

 

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मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दिया ये आश्वासन

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने परिजनों की मांग को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि इस विषय को प्रदेश सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि रामपुर उपमंडल के लिए नई बसों की व्यवस्था और इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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हादसे में तीन लोगों की गई जान, कई घायल उपचाराधीन

गौरतलब है कि 15 जुलाई को रामपुर-खड़ाहण-कोटाधार-खोलीघाट मार्ग पर गरटोला के समीप एचआरटीसी की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे के समय बस में दो दर्जन के करीब यात्री सवार थे। इस दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों का उपचार महात्मा गांधी सेवा चिकित्सालय रामपुर में चल रहा है, जहां चिकित्सक उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

 

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शोक संतप्त परिवारों के प्रति जताई संवेदना

अस्पताल दौरे के दौरान मंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना ने सभी को दुखी किया है और सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री के इस दौरे को हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने न केवल घायलों का हाल जाना बल्कि उनकी समस्याओं और मांगों को भी गंभीरता से सुना।

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