#यूटिलिटी
July 16, 2026
हिमाचल: लाखों ग्राहकों को झटका, कल से इस बैंक के UPI-ATM सब हो जाएंगे बंद; नहीं होगा ऑनलाइन लेनदेन!
17 जुलाई से 22 जुलाई तक पूरी तरह से बंद रहेगी ऑनलाइन बेकिंग सेवा
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शिमला। आज के इस आधुनिक दौर में जब हर शख्स छोटी से लेकर बड़ी पेमेंट के लिए ऑनलाइन बैंकिंग का सहारा लेता है और जेब में कैश रखने के बजाय हर लेनदेन अपने मोबाइल फोन से पलक झपकते ही कर लेता है, ठीक ऐसे समय में हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा सहकारी बैंक अपनी तमाम डिजिटल सेवाओं को एक बड़ा विराम लगाने जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (HPSCB) के उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि बैंक अगले 5 दिनों तक पूरी तरह से डिजिटल लॉकडाउन की स्थिति में जाने वाला है। बैंक प्रबंधन ने अपनी कोर बैंकिंग प्रणाली को बदलने का फैसला लिया है, जिसके चलते करोड़ों उपभोक्ताओं की डिजिटल लाइफलाइन थमने वाली है।
अगर आपका खाता भी हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में है, तो आपको अपनी बैंकिंग जरूरतों और नकदी का इंतजाम अभी से कर लेना चाहिए। बैंक आगामी 17 जुलाई की शाम 5 बजे से लेकर 22 जुलाई की सुबह 10 बजे तक अपनी अधिकांश बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखने जा रहा है।
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इसका सीधा मतलब यह है कि पूरे पांच दिनों तक इस बैंक के उपभोक्ता न तो ऑनलाइन बैंकिंग सेवा का कोई लाभ ले पाएंगे और न ही किसी भी तरह का ऑनलाइन लेनदेन कर पाएंगे। इस अवधि के दौरान एटीएम सेवाएं, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI), आईएमपीएस (IMPS), एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS), रुपे डेबिट कार्ड और एईपीएस (AePS) सहित सीबीएस आधारित लगभग सभी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से ठप रहेंगी।
दरअसल, बैंक अपनी मौजूदा कोर बैंकिंग प्रणाली (CBS) को अपग्रेड कर नए और उन्नत फिनैकल कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (Finacle CBS Version 10.2.25) पर स्थानांतरित कर रहा है। यह प्रक्रिया नाबार्ड अम्ब्रेला प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य सहकारी बैंकिंग प्रणाली को नई तकनीक से जोड़ना और ग्राहकों को बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि यह बदलाव भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है ताकि ग्राहकों को अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय बैंकिंग सेवाएं मिल सकें।
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बैंक ने अपने सभी खाताधारकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि शुरू होने से पहले अपने आवश्यक वित्तीय लेनदेन, भुगतान और नकदी निकासी जैसे कार्य पूरे कर लें। विशेष रूप से व्यापारियों, वेतनभोगी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और नियमित ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संभावित असुविधा से बचने के लिए अग्रिम तैयारी कर लें। बैंक का कहना है कि तकनीकी माइग्रेशन के दौरान सेवाओं को निर्धारित समय के भीतर बहाल करने के लिए विशेषज्ञ टीम लगातार कार्य करेगी।
हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक राज्य के सबसे बड़े सहकारी बैंकों में से एक माना जाता है। बैंक का नेटवर्क प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालयों तक फैला हुआ है और लाखों लोग इसकी सेवाओं पर निर्भर हैं।
239 शाखाओं के विस्तृत नेटवर्क के साथ संचालित यह बैंक किसानों, छोटे कारोबारियों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी इस बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
इस बड़े शटडाउन को लेकर बैंक प्रबंधन ने अपने ग्राहकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की भावुक अपील की है। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी अपग्रेडेशन अस्थाई रूप से परेशानी जरूर खड़ी कर रहा है, लेकिन भविष्य में इसके जरिए ग्राहकों को एक बेहद सुरक्षित, मजबूत, तेज और आधुनिक बैंकिंग प्लेटफॉर्म की सौगात मिलेगी।
हालांकि फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 17 जुलाई की शाम से 22 जुलाई की सुबह तक अधिकांश ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। ऐसे में पांच दिनों की इस अवधि को देखते हुए समय रहते जरूरी बैंकिंग कार्य निपटा लेना ही समझदारी होगी।