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July 15, 2026
हिमाचल मौसम अलर्ट : 24 घंटे बाद बरसेगी आफत, आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी
किन्नौर और लाहौल-स्पीति में चलेंगी तेज हवाएं
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और 23 जुलाई तक कई जिलों में लगातार बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए येलो अलर्ट, जबकि 20 और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 17 जुलाई को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 18, 19, 20 और 21 जुलाई को अधिकांश जिलों में बारिश का दौर तेज रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि 18 से 21 जुलाई के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 17 जुलाई से मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। उनके अनुसार कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। वहीं किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और पहाड़ दरकने का खतरा बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है, जबकि फिसलन और कम दृश्यता के कारण सड़क हादसों का जोखिम भी बढ़ जाएगा। भारी बारिश का असर खेती, बागवानी और जरूरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और खड्डों के पास न जाएं। जलभराव वाले और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें। यात्रा करने से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी जरूर लें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ा है और अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं मध्यवर्ती क्षेत्रों में तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। 17 जुलाई तक गर्मी बनी रहेगी, लेकिन बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट आएगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि जुलाई महीने में अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस महीने किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और सोलन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, जबकि हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सबसे कम बारिश दर्ज की गई।
इधर, किन्नौर के टापरी उपतहसील के चगांव गांव में पहाड़ से एक बड़ी चट्टान टूटकर नीचे गिर गई। इससे सेब के बागानों और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन और पंचायत ने लोगों से अपील की है कि चट्टान गिरने वाली जगह के आसपास न जाएं, क्योंकि लगातार बारिश के कारण वहां दोबारा चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है।