चंबा। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश अब लोगों की जान की दुश्मन बनती जा रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण प्रदेशभर में पहाड़ों के दरकने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते रोज लाहौल.स्पीति में पहाड़ी से गिरी विशाल चट्टानों के नीचे दबकर 13 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। इस हादसे का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि आज शनिवार को चंबा जिले में एक और बड़ा हादसा होते.होते टल गया।

 

यहां अचानक पहाड़ दरक गया और ठीक उसके नीचे 25 लोग काम कर रहे थे। पहाड़ से गिरे मलबे और पत्थरों को देखते ही लोगों में चीख पुकार और अफरा तफरी मच गई। काम कर रहे सभी मजदूर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान तीन कर्मचारी पत्थरों की चपेट में आ गए और घायल हो गए। 

अचानक गूंजने लगी पहाड़ की गड़गड़ाहट

जानकारी के अनुसार पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ामुख के समीप चमेरा-3 पावर स्टेशन की डैम साइट के पास 25 के करीब कर्मचारी अपने नियमित कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक पहाड़ी से तेज आवाज के साथ भूस्खलन शुरू हो गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिरने लगे। हालात इतने भयावह हो गए कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सभी ने बिना समय गंवाए सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगाई। उनकी सूझबूझ और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

 

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तीन कर्मचारी घायल, सभी खतरे से बाहर

भूस्खलन के दौरान उड़ते पत्थरों की चपेट में आने से तीन कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। राहत की बात यह रही कि तीनों की हालत स्थिर है और किसी को गंभीर चोट नहीं लगी।

कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

एनएचपीसी के महाप्रबंधक टिकेश्वर प्रसाद ने बताया कि घटना में तीन कर्मियों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। इसी सतर्कता की वजह से एक बड़ी जनहानि होने से बच गई।

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बढ़ रहा पहाड़ों के दरकने का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो चुकी हैं। ऐसे में चंबा सहित प्रदेश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पहाड़ी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मंडी-धर्मपुर हाईवे भी भूस्खलन से बंद

उधर, मंडी-धर्मपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी भारी भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। रोपड़ू नाला के पास देर रात पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ।

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27 जुलाई से फिर भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में शनिवार और रविवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 27 जुलाई से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके चलते हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। 27 से 29 जुलाई तक कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई को चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 28 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतें तथा मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।

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