कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते जगह-जगह भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात को देखते हुए कुल्लू उपमंडल में 11 अगस्त को स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

तेज बारिश में स्कूल-कॉलेज बंद

वहीं, मंडी और कुल्लू में कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। शिमला के संजौली स्थित सिमिट्री क्षेत्र में देर रात अचानक पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मलबा आ गया, जिसकी चपेट में एक स्कूटी समेत पांच बाइक दब गईं। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

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संजौली में अचानक दरकी पहाड़ी, मलबे में दबे वाहन

शिमला के संजौली स्थित सिमिट्री क्षेत्र में सोमवार रात करीब 10:10 बजे अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। मलबे की चपेट में सड़क किनारे खड़ी एक स्कूटी और पांच बाइक आ गईं और पूरी तरह दब गईं। भूस्खलन के कारण बिजली के खंभे भी उखड़कर सड़क पर आ गिरे।

मौके पर मची अफरा-तफरी

अचानक हुए भूस्खलन से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया। हालांकि, मलबा आने से वार्ड की एंबुलेंस सड़क भी पूरी तरह बंद हो गई है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी पर पहले से ही भूस्खलन का खतरा बना हुआ था। अब पहाड़ी का हिस्सा दरकने के बाद निचली ओर बने मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। लोगों में डर का माहौल है और रात के समय पहाड़ी के आसपास जाने से लोग बच रहे हैं।

यातायात व्यवस्था ठप

घटना के समय वार्ड पार्षद विनीत शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को इसकी सूचना दी। रात में सड़क पर भारी मलबा होने के कारण यातायात बहाल नहीं किया जा सका। नगर निगम की टीम मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और सड़क को बहाल करने का काम करेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पहाड़ी का निरीक्षण करवाने और नीचे बने मकानों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

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भारी बारिश से कई सड़कें बंद

बारिश का असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पंडोह से आगे झलोगी के पास बंद हो गया है। वहीं वैकल्पिक मंडी-कटौला मार्ग भी बंद बताया जा रहा है। इसके अलावा मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे भी ऊरला के पास बंद हो गया है।

 

मंडी-पधर हाईवे ऊरला के पास और कांडी के पास मंडी-कुल्लू-कटौला रोड भी बंद हुआ है। हालांकि यहां डायना पार्क के रास्ते वैकल्पिक मार्ग की सुविधा उपलब्ध है। मंडी के ASP अभिमन्यु वर्मा ने भी सड़क बंद होने की जानकारी साझा की है। उधर, कुल्लू की सैंज घाटी में सिउंड डैम के पास भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई है। इससे करीब आधा दर्जन पंचायतों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

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कुल्लू में स्कूल-कॉलेज बंद

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए कुल्लू उपमंडल प्रशासन ने 11 अगस्त को सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। कार्यकारी एसडीएम डॉ. जयवंती ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत यह आदेश जारी किया है। हालांकि, पहले से निर्धारित बोर्ड परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी और उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा।

मानसून में 886 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

हिमाचल में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 10 अगस्त तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 9 अगस्त तक प्रदेश में करीब 886.38 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया जा चुका है।

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68 लोगों की मौत

मानसून के दौरान आपदा से 68 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क हादसों में 89 लोगों की जान गई है। इस तरह प्रदेश में कुल 157 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं 257 लोग घायल हुए हैं और 628 पशु-पक्षियों की भी मौत हुई है।

201 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त

बारिश और आपदा से प्रदेश में 201 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 33 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दुकानें, कारखाने, श्रमिक शेड, पशुशालाएं और अन्य निजी संपत्तियां भी प्रभावित हुई हैं।

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आपदा से हुई मौतों में भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, करंट लगने और पेड़ या चट्टान से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं। आपदा से सबसे ज्यादा मौतें लाहौल-स्पीति में 14, कांगड़ा में 11, शिमला में 9, कुल्लू में 8 और मंडी में 7 दर्ज की गई हैं।

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

वहीं सड़क हादसों में चंबा में 15, कुल्लू में 13, शिमला में 12, मंडी में 11, कांगड़ा में 10 और सोलन में 6 लोगों की मौत हुई है। प्रदेशभर में सड़क हादसों में कुल 89 लोगों की जान जा चुकी है।मौसम विभाग ने आज हिमाचल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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सावधानी बरतने की अपील

ऐसे में बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक सड़कें बंद होने का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

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