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September 23, 2026

हिमाचल के किसानों के लिए बड़ी खबर- 30 सितंबर से पहले कर लें ये काम, वरना छूट जाएगा सरकारी लाभ

बीज से लेकर कृषि उपकरणों तक मिलेगा लाभ

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Farmer ID Agriculture Horticulture

शिमला। हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए कृषि विभाग ने एक जरूरी सूचना जारी की है। विभाग ने किसानों से 30 सितंबर 2026 तक एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा करने की अपील की है। विभाग के मुताबिक एग्रीस्टैक पर पंजीकरण के बाद किसान को Farmer ID यानी किसान पहचान संख्या मिलेगी। भविष्य में विभिन्न कृषि और बागवानी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह डिजिटल पहचान महत्वपूर्ण होगी।

किन योजनाओं पर पड़ सकता है असर?

कृषि विभाग की एडीओ रामपुर अमीषा शर्मा के अनुसार जिन किसानों और बागवानों का एग्रीस्टैक में पंजीकरण नहीं होगा, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इनमें पीएम किसान निधि सहित कृषि और बागवानी विभाग से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।

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इसके अलावा किसानों को सब्जियों के बीज, फलदार पौधे, कृषि उपकरण, फसल बीमा और सोलर फेंसिंग जैसी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कत आ सकती है। ऐसे में विभाग ने किसानों से अंतिम तारीख का इंतजार न करने और जल्द पंजीकरण पूरा कराने को कहा है।

लोकमित्र केंद्र से करा सकते हैं पंजीकरण

एग्रीस्टैक केंद्र सरकार की कृषि क्षेत्र के लिए विकसित की जा रही डिजिटल व्यवस्था है। इसका उद्देश्य किसानों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित करना है। इस व्यवस्था में किसान की पहचान के साथ उसकी भूमि और खेती से संबंधित विवरण जोड़े जाते हैं। पंजीकरण पूरा होने के बाद किसान को Farmer ID दी जाती है। इसका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं और सेवाओं तक किसान की पहचान और पात्रता को डिजिटल तरीके से जोड़ने में किया जा सकता है।

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किसानों को एग्रीस्टैक में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। विभाग के अनुसार वे अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्र पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए किसान को मुख्य रूप से आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन का कोई एक खसरा नंबर उपलब्ध करवाना होगा। जरूरी जानकारी दर्ज होने के बाद किसान का पंजीकरण एग्रीस्टैक पर किया जाएगा और Farmer ID जारी की जाएगी।

बीज से लेकर कृषि उपकरणों तक लाभ

एग्रीस्टैक पंजीकरण का फायदा किसानों को अलग-अलग कृषि योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं में मिल सकता है। विभाग के अनुसार इनमें विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज, फलदार पौधे और कृषि उपकरणों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

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किसानों को मटर, पालक, धनिया, मूली और आलू जैसी फसलों के बीज उपलब्ध करवाने वाली योजनाओं का लाभ मिल सकता है। वहीं बागवानों के लिए सेब, जापानी, प्लम और आड़ू जैसे फलदार पौधों से संबंधित योजनाएं भी इसमें शामिल हैं।

आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए भी उपयोगी

कृषि विभाग की योजनाओं के तहत किसानों को खेती के काम को आसान बनाने वाले विभिन्न उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। इनमें पावर वीडर, पावर टिलर, ग्रास कटर, स्प्रे पंप, पाइप और ड्रिप इरिगेशन जैसे उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा फसल सुरक्षा और अन्य कृषि सहायता योजनाओं का लाभ लेने में भी Farmer ID उपयोगी हो सकती है।

30 सितंबर से पहले करा लें पंजीकरण

कृषि विभाग ने किसानों और बागवानों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2026 की समयसीमा से पहले एग्रीस्टैक पर अपना पंजीकरण पूरा कर लें। खास तौर पर जिन किसानों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन्हें नजदीकी लोकमित्र केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

समय पर पंजीकरण कराने से किसान की डिजिटल पहचान तैयार हो जाएगी और सरकारी कृषि एवं बागवानी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच में संभावित परेशानी को कम किया जा सकेगा।

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