#यूटिलिटी
September 24, 2026
हिमाचल में गीला-सूखा कचरा अलग करना जरूरी, नियम तोड़े तो कटेगा पानी-बिजली कनेक्शन
हिमाचल में अब घर से ही अलग करना होगा कचरा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब कूड़ा प्रबंधन को लेकर नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत घरों, दुकानों, संस्थानों और दूसरे प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करना जरूरी होगा। नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई के साथ पानी और बिजली का कनेक्शन काटने तक का प्रावधान रखा गया है।
नए नियमों के तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना होगा। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट शामिल हैं। डायपर और सैनिटरी पैड सैनिटरी वेस्ट में आएंगे, जबकि CFL, पुरानी दवाएं, सिरिंज और बैटरी जैसे कचरे को स्पेशल केयर वेस्ट में रखा जाएगा।
कचरा पैदा करने वाले व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी होगी कि वह इसे शुरुआत में ही अलग-अलग रखे। खुले में कूड़ा जलाने, जमीन में दबाने या नालियों और नदियों में फेंकने पर भी रोक रहेगी।
सरकार अब बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों की पहचान करेगी। ऐसे बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान के लिए छह सप्ताह की समयसीमा तय किए जाने की बात कही गई है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में पानी और बिजली के कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई हो सकती है।
कूड़ा अलग करने की आदत घर-घर तक पहुंचाने के लिए स्कूली बच्चों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। बच्चे अपने परिवारों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने के लिए जागरूक करेंगे। नालियों से कचरा नदियों तक न पहुंचे, इसके लिए ट्रैश बैरियर और जालियां लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी।
नए नियम केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी ये लागू होंगे। राज्य सरकार ने नियमों की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटियां भी गठित की हैं। सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।