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September 19, 2026
क्षेत्र में एक अलग पहचान बना 'बीत का बुर्ज खलीफा'

ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना तैयार की गई है। हरोली बीत क्षेत्र के अमराली में बनाया गया विशाल जल भंडारण टैंक अपनी ऊंचाई और बड़ी क्षमता के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
करीब 12.59 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस टैंक में एक साथ 25 लाख लीटर पानी जमा किया जा सकेगा। इस जल भंडारण सुविधा का सीधा लाभ बीत क्षेत्र के 11 गांवों को मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से करीब 27,215 लोगों को बेहतर पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने की योजना है। ट्यूबवेल से प्राप्त होने वाले पानी को पहले इस टैंक में जमा किया जाएगा। इसके बाद जरूरत तथा मांग के हिसाब से संबंधित गांवों में सप्लाई किया जाएगा।

अमराली में सड़क के किनारे बनाया गया यह टैंक करीब 34 मीटर यानी 111 फीट 6 इंच ऊंचा है। इतनी अधिक ऊंचाई के कारण स्थानीय लोगों ने इसे अपने अंदाज में ‘बीत का बुर्ज खलीफा’ नाम दे दिया है।
टैंक की ऊंचाई दूर से ही दिखाई देती है और अब यह अमराली तथा आसपास के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी ऊंचाई को लेकर चर्चा करते हुए इसे क्षेत्र का आकर्षण भी बता रहे हैं।
जल भंडारण टैंक के निर्माण में करीब 25 मीटर यानी 82 फीट की स्टेजिंग तैयार की गई है। इसके ऊपर लगभग 9 मीटर यानी 29 फीट 6 इंच ऊंचा कंटेनर बनाया गया है। इस पूरी संरचना की ऊंचाई करीब 34 मीटर तक पहुंचती है।
ऊंचाई पर पानी जमा करने की व्यवस्था का उद्देश्य जरूरत के समय जलापूर्ति को सुचारु बनाए रखना है। ट्यूबवेल स्रोतों से आने वाले पानी को टैंक में संग्रहित किया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न गांवों में पानी की आपूर्ति की जाएगी।

जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा के अनुसार इस परियोजना से क्षेत्र के 11 गांवों की लगभग 27,215 आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल से पानी उठाकर पहले जल भंडारण टैंक में पहुंचाया जाएगा। यहां पर्याप्त मात्रा में पानी जमा होने के बाद मांग के अनुरूप इसकी आपूर्ति की जाएगी।
ग्राम पंचायत छेत्रां के पूर्व प्रधान विकास राणा ने क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं के विस्तार को लोगों के लिए राहत की बात बताया। उन्होंने अमराली के इस ऊंचे टैंक को स्थानीय अंदाज में ‘बुर्ज खलीफा’ नाम दिए जाने का भी उल्लेख किया।
उनके अनुसार क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों से ग्रामीणों को लाभ मिला है। उन्होंने इसके लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों का भी उल्लेख किया और उनकी सराहना की।
हरोली क्षेत्र में केवल अमराली ही नहीं, बल्कि अन्य स्थानों पर भी बड़े जल भंडारण टैंक तैयार किए गए हैं। पोलियां में 50 लाख लीटर और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता वाले टैंक बनाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र में करीब 75 अन्य जल भंडारण टैंक भी तैयार किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पेयजल स्रोतों से मिलने वाले पानी को पर्याप्त मात्रा में संग्रहित करना और जरूरत के समय उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
बीत क्षेत्र में पानी की सुविधाओं का विस्तार केवल घरेलू पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है। सिंचाई व्यवस्था में सुधार होने से किसानों को नकदी फसलों की खेती के लिए भी बेहतर परिस्थितियां मिल रही हैं।
अमराली का यह विशाल टैंक इसी व्यापक जल प्रबंधन व्यवस्था का हिस्सा है। एक ओर जहां ट्यूबवेल के पानी को संग्रहित करने के लिए पर्याप्त क्षमता उपलब्ध होगीय़ वहीं ऊंचाई पर बने होने के कारण जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति करने में भी इसका उपयोग किया जाएगा।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही जल आवश्यकताओं को देखते हुए बड़े भंडारण टैंकों का निर्माण पेयजल और सिंचाई दोनों व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमराली का 25 लाख लीटर क्षमता वाला यह टैंक अब अपनी ऊंचाई के साथ-साथ आसपास के गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था में अपनी भूमिका के कारण भी खास बन गया है।