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September 19, 2026
हिमाचल में सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी राहत : नई नौकरी में नहीं कम होगा वेतन
नई नौकरी में नहीं घटेगा बेसिक पे
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। अब नौकरी में रहते हुए अगर कोई कर्मचारी सीधी भर्ती के माध्यम से किसी दूसरे या नए पद पर नियुक्त होता है- तो सिर्फ पद बदलने की वजह से उसके वेतन में कटौती नहीं होगी।
प्रदेश के वित्त विभाग ने ऐसे मामलों में पे प्रोटेक्शन की व्यवस्था लागू करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी के नए पद पर वेतन तय करते समय उसके वर्तमान मूल वेतन यानी बेसिक पे को आधार बनाया जाएगा।
वित्त विभाग की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी पहले से सरकारी सेवा में है और चयन प्रक्रिया के बाद सीधी भर्ती से किसी अन्य पद पर नियुक्त होता है- तो नई पोस्ट पर उसका वेतन निर्धारित करते समय पुराने मूल वेतन को ध्यान में रखा जाएगा। इसके लिए नए पद के निर्धारित पे मैट्रिक्स लेवल में कर्मचारी के मौजूदा बेसिक पे के बराबर वेतन सेल तलाशा जाएगा।
अगर नए पद के वेतन स्तर में ठीक उतनी राशि उपलब्ध है- तो उसी के अनुरूप वेतन तय किया जाएगा। वहीं, अगर पुराने मूल वेतन के बराबर राशि वाला सेल नए लेवल में नहीं मिलता है- तो कर्मचारी का वेतन उसके तुरंत अगले उच्च सेल पर निर्धारित किया जाएगा।
प्रदेश में संशोधित वेतनमान लागू होने के बाद ऐसे मामलों में वेतन निर्धारण को लेकर कई स्तरों पर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। खासकर वे कर्मचारी जो पहले से सरकारी सेवा में रहते हुए सीधी भर्ती के जरिए दूसरे पद पर चयनित होते हैं- उनके वेतन को किस आधार पर तय किया जाए। इसे लेकर विभागों से वित्त विभाग को लगातार मामले भेजे जा रहे थे।
अब जारी निर्देशों से इस प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम उपलब्ध हो गया है। वित्त विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, महालेखाकार और जिला उपायुक्तों को भेजी हैं- ताकि संबंधित कार्यालयों में इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।
पे प्रोटेक्शन का लाभ केवल एक विभाग से दूसरे विभाग में जाने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। अगर कोई कर्मचारी उसी विभाग में सीधी भर्ती के जरिए किसी अन्य पद पर चयनित होता है, तो वह भी इस व्यवस्था के दायरे में आएगा।
इसके अलावा बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी भी अगर सीधी भर्ती के जरिए सरकारी पद पर नियुक्त होते हैं- तो वेतन निर्धारण में इस व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। इससे नौकरी में रहते हुए नई सरकारी पोस्ट के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों को वेतन संबंधी नुकसान की चिंता कम होगी।