शिमला। हर पल बढ़ती महंगाई में इलाज करवाना भी हीरे-जवाहरात खरीदने जैसा हो गया है। मरीज अस्पताल का खर्च उठाए, दवाइयां खरीदे या घर चलाए। ऐसे में सरकारी योजनाएं ही गरीब का सहारा बनती हैं। सुक्खू सरकार भी एक ऐसी योजना चलाए हुए है जिसमें बुजुर्ग मरीजों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।
हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये
सुक्खू सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना आर्थित रूप से कमजोर बुजुर्गों की मदद करती है। इसके तहत कमजोर वर्ग के मरीजों को हर महीने 3000 रुपये दिए जाते हैं। ये राशि उन मरीजों को दी जाती है जो-
- पार्किंसन (Parkinson's)
- कैंसर (Cancer)
- पक्षाघात (Paralysis)
- मांसपेशीय दुर्विकास (Muscular Dystrophy)
- हीमोफीलिया (Hemophilia)
- थैलेसीमिया (Thalassemia) आदि बीमारियों से ग्रसित हों
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कौन कर सकता है आवेदन ?
- सिर्फ हिमाचल प्रदेश के निवासी आवेदन कर सकते हैं
- वो आवेदन कर सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हों
- आवेदक योजना के अनुसार किसी बिमारी से ग्रसित हो
- आवेदक किसी ऐसी अन्य योजना का लाभार्थी ना हो
कैसे करें आवेदन ?
- आधिकारिक वेबसाइट https://sahara.hpsbys.in/Home/Default पर जाकर ऑनलाइन या
- फिर नजदीक के खंड विकास कार्यालय या पंचायत में जाकर आवेदन कर सकते हैं
- आवेदन पत्र में सही जानकारी भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है
- आवेदन पत्र जमा करने के बाद आवेदक को एक ID कार्ड के साथ रसीद दी जाएगी
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सरकार चला रही है सहारा योजना
इस योजना का नाम है- मुख्यमंत्री सहारा योजना- जिसके तहत कैंसर जैसी बीमारीयों के अलावा क्रोनिक रीनल फेलियर और अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी शामिल किया गया है। इस कैटेगरी में वो लोग शामिल हैं जो स्थायी रूप से अक्षम होते हैं।
इलाज के दौरान कम हों मुश्किलें
मुख्यमंत्री सहारा योजना का मुख्य उद्देश्य ये है कि घातक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को आर्थिक सहायता दी जा सके। ऐसे में मरीजों की लंबे समय तक इलाज के दौरान होने वाली मुश्किलों को कम किया जा सकेगा।
