शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है।
हिमाचल में नहीं थम रही बारिश
लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आज चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
यह भी पढ़ें : विक्रमादित्य सिंह ने किया खुलासा: आपस में जुड़ेंगे हिमाचल के दो बड़े फोरलेन; केंद्र से मिली मंजूरी
कई इलाकों में खतरा
मौसम विभाग ने इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों का खतरा भी बना हुआ है।
चार जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अगस्त यानी कल सिरमौर, सोलन, चंबा और बिलासपुर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट रहेगा। वहीं, 14 अगस्त को सिरमौर जिले में बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल हाईकोर्ट के सख्त आदेश, कंपनी को चार सप्ताह में रंजना को दे 2.23 करोड़ का मुआवजा
भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी-नालों, खड्डों और अन्य जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचें। इसके अलावा जिन क्षेत्रों को भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है, वहां बिना जरूरत यात्रा करने से भी बचने की अपील की गई है।
पिछले 24 घंटे में कई क्षेत्रों में तेज बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान भी कई स्थानों पर बारिश का दौर तेज रहा। लगातार बारिश का असर परिवहन और बुनियादी सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। पिछले तीन दिनों में प्रदेश की 204 सड़कें बंद हुई हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: जज के सामने युवक को बुलेट बाइक से पटाखे करना पड़ा भारी, अब कोर्ट में होना होगा पेश
कई बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित
इसके अलावा 45 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 84 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। सड़कों के बंद होने से कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। बिजली और पेयजल योजनाओं के बाधित होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभागों की ओर से प्रभावित सेवाओं को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
910 करोड़ की संपत्ति को नुकसान
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। अब तक नुकसान का अनुमान करीब 910 करोड़ रुपये लगाया गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल हाईकोर्ट के सख्त आदेश, कंपनी को चार सप्ताह में रंजना को दे 2.23 करोड़ का मुआवजा
PWD को 686 करोड़ का नुकसान
नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग से जुड़ा है। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण PWD को करीब 686 करोड़ रुपये की क्षति होने का अनुमान है। सड़कें, पुल और अन्य निर्माण ढांचे प्रभावित होने से विभाग पर मरम्मत और बहाली का बड़ा दबाव है।
जल शक्ति विभाग को 203 करोड़ का नुकसान
वहीं, जल शक्ति विभाग को करीब 203 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया है। बारिश और बाढ़ के कारण पेयजल योजनाओं तथा जल आपूर्ति से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
यह भी पढ़ें : इस दिन मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं सुंदर सिंह ठाकुर! CM सुक्खू ने दिए संकेत; बोले- जल्द मिलेगा नया मंत्री
भूस्खलन से 14 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल का भी नुकसान हुआ है। अब तक भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ में एक व्यक्ति की जान गई है।
66 मकान पूरी तरह तबाह
बारिश के कारण आवासीय ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 67 मकान पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि 268 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।
यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर ने खोला सुक्खू सरकार के कर्ज का हिसाब, बोले- आने वाली पीढ़ियों को भी बना दिया कर्जदार
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग के आगामी दिनों में बारिश जारी रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। खासतौर पर नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़क की स्थिति अचानक खराब हो सकती है, इसलिए जरूरी न होने पर संवेदनशील मार्गों पर यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।
