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September 25, 2026
KNH शिमला की खाली जमीन पर नहीं बनेंगे विधायकों के आवास, जानें हाईकोर्ट में क्या बोली सुक्खू सरकार
हिमाचल हाईकोर्ट में सुक्खू सरकार ने साफ की स्थिति
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शिमला। राजधानी शिमला के कमला नेहरू राज्य मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट में सरकार ने एक अहम स्थिति स्पष्ट की है। केएनएच परिसर के खाली होने वाले हिस्से में विधायकों के आवास नहीं बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सचिव ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में स्पष्ट किया है कि अस्पताल की खाली जगह का इस्तेमाल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।
केएनएच से गायनी सेवाओं को आईजीएमसी शिफ्ट करने के फैसले के बाद से ही सरकार पर आरोप लग रहे थे कि अस्पताल परिसर को खाली करवाकर यहां विधायकों के आवास बनाए जाने की तैयारी है। अब हाईकोर्ट में सरकार के जवाब के बाद इस मामले में स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।
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फालमा चौहान की जनहित याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद नेगी की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव और आईजीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल ने अपने हलफनामे अदालत में पेश किए।
सुनवाई के दौरान आईजीएमसी में गायनी विभाग को मिली जगह का मुद्दा भी उठा। जानकारी के अनुसार केएनएच में गायनी विभाग के पास करीब 1,600.95 वर्ग मीटर जगह थी, जबकि आईजीएमसी में विभाग को 1,329.55 वर्ग मीटर क्षेत्र दिया गया है। इसमें करीब 60.90 वर्ग मीटर हिस्सा अभी निर्माणाधीन है। सरकार ने बताया कि चमियाणा में सुपर स्पेशियलिटी विभागों के स्थानांतरित होने के बाद उपलब्ध होने वाली जगह में से जरूरत के अनुसार अतिरिक्त क्षेत्र गायनी विभाग को दिया जा सकता है।
स्वास्थ्य सचिव के हलफनामे के मुताबिक केएनएच का निर्माण 16.09 बीघा भूमि पर हुआ है और अस्पताल का कुल निर्मित क्षेत्र करीब 18,564.25 वर्ग मीटर है। वर्ष 2019 में इसके निर्माण पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हाईकोर्ट ने सरकार को आईजीएमसी में अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने और भविष्य में अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2026 को होगी।
केएनएच की गायनी सेवाओं को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने के फैसले का जनवादी महिला समिति, अस्पताल स्टाफ और शिमला के कई लोग विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के बीच अब विधायकों के आवास को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सरकार की स्थिति हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में सामने आ गई है।
हालांकि, मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने सरकार को अस्पताल के लिए अतिरिक्त जगह आवंटित करने की योजना और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत अब यह देखेगी कि केएनएच और आईजीएमसी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को किस तरह व्यवस्थित किया जाएगा और मरीजों के लिए पर्याप्त स्थान व सुविधाएं कैसे सुनिश्चित होंगी।