शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई है।
अगले 5 दिन मौसम खराब
IMD शिमला केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि लोगों से भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
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कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 19 जुलाई से 21 जुलाई तक कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
लोगों को हो रही परेशानी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। कांगड़ा जिले में गुरुवार देर रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कई जिलों में यलो अलर्ट
भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू, चंबा और हमीरपुर समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानें गिरने जैसी घटनाएं सामने आ सकती है।
नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ेगा
इसके अलावा छोटी-बड़ी नदियों और खड्डों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में खतरा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नदी, नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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सतर्कता बरतने की सलाह
साथ ही अनावश्यक यात्रा नहीं करने और यदि यात्रा करना जरूरी हो तो पहले मौसम और सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी लेने को कहा गया है। पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों से भी सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
प्रशासन और संबंधित विभागों को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है- ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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तापमान में गिरावट दर्ज
उधर, प्रदेश के तापमान में भी हल्का बदलाव देखने को मिला है। अधिकतम तापमान में सामान्य के मुकाबले मामूली गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को ऊना 38 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि मंडी में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को भी मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि खेती और बागवानी से जुड़े कार्यों की उचित योजना बनाई जा सके।
मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। ऐसे में आम लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
