शिमला। हिमाचल प्रदेश का सिड्डू एक प्रसिद्ध और पारंपरिक पकवान है, जिसे यहाँ के लोग खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर बनाते हैं। सिड्डू मुख्यतः अनाज के आटे से तैयार किया जाता है और इसमें भराई की जाती है, जो इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाती है। घर पर कोई कार्यक्रम हो या त्योहार सिड्डू की महक से घर गुलजार हो ही जाता है। हिमाचल के लिए सिड्डू सिर्फ एक डिश नहीं, यहां के लोगों के लिए ये अपने बुजुर्गों से मिला आशीर्वाद और स्नेह भी है। जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है। तो कैसे बनते हैं सिड्डू चलिए सीखते हैं। यह भी पढ़ें: हिमाचल : 5 बेरोजगारों ने बनाई थी गैंग- सोने पर करते थे हाथ साफ, अब पकड़े गए

सिड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:

गेहूं का आटा: मुख्य आधार। आलू: भरने के लिए, जिसे मसाले और हरी मिर्च के साथ पकाया जाता है। प्याज: स्वाद बढ़ाने के लिए। धनिया: ताजगी के लिए। मसाले: जीरा, नमक, और अन्य मसाले। घी: तली के लिए। यह भी पढ़ें: हिमाचल में ‘सांसद’ पर टूट पड़ी अमेरिकन महिला- चीन की साजिश

बनाने की प्रक्रिया

आटा तैयार करना: गेहूं का आटा पानी और एक चुटकी नमक के साथ गूंधा जाता है। इसे कुछ समय के लिए सेट होने के लिए रख दिया जाता है। भराई की तैयारी: आलू को उबालकर, मैश किया जाता है। इसमें प्याज, हरी मिर्च, और मसालों का मिश्रण डालकर अच्छे से मिलाया जाता है।

सिड्डू बनाना:

गूंधे हुए आटे की छोटी लोइयाँ बनाएं। एक लोई को बेलकर, उसके बीच में आलू का मिश्रण डालें। फिर इसे चारों ओर से बंद करके गोल आकार में बना लें। पकाना: सिड्डू को तवे पर डालकर, दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं। इसे घी में तला जा सकता है। सर्विंग: सिड्डू को ताज़ा घी, चटनी या अचार के साथ परोसें। यह भी पढ़ें: DC किन्नौर के पिता के कपड़े और मोबाइल अमृतसर में मिले, गुमशुदा की कोई खबर नहीं

स्वाद और विशेषताएँ

सिड्डू का स्वाद बेहद लाजवाब होता है। इसका कुरकुरा बाहरी हिस्सा और मुलायम अंदर का भराव इसे खास बनाता है। यह नाश्ते के रूप में, या मुख्य भोजन के रूप में खाया जा सकता है और सभी उम्र के लोगों द्वारा पसंद किया जाता है।

सांस्कृतिक महत्व

सिड्डू का हिमाचली संस्कृति में विशेष महत्व है। यह पारिवारिक समारोहों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। सिद्धू बनाना एक पारिवारिक गतिविधि होती है, जिसमें सभी सदस्य मिलकर भाग लेते हैं, जो सामूहिकता और भाईचारे की भावना को बढ़ाता है।

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