शिमला। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जारी सैन्य गतिविधियों का असर अब भारत में भी एहतियात के तौर पर दिखाई देने लगा है। ऊर्जा संसाधनों को लेकर आपूर्ति संकट की आशंका के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।

हिमाचल में सिलेंडर की कालाबाजारी

हिमाचल में कई जगहों पर लोगों को गैस सिलेडंर और पेट्रील-डीजल समय पर नहीं मिल रहा है। बहुत जगहों पर सिलेंडरों की कालाबाजारी भी हो रही है। इसी कालाबाजारी को रोकने के लिए हिमाचल में एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

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कई जगहों पर हुई छापेमारी

आपको बता दें कि बीते करीब 37 दिनों में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में 2007 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

85 घरेलू सिलेंडर जब्त

कार्रवाई के दौरान 85 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया जा रहा था। इनमें व्यावसायिक उपयोग और अवैध भंडारण जैसे मामले शामिल बताए जा रहे हैं। विभाग की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकार किसी भी तरह की कालाबाजारी को लेकर बिल्कुल सख्त रुख अपना रही है।

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हेल्पलाइन नंबर जारी

सरकार ने इस अभियान में आम जनता की भागीदारी को भी अहम माना है। इसी उद्देश्य से टोल-फ्री नंबर 1967 जारी किया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक गैस, पेट्रोल या डीजल से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकता है।

करवा सकते हैं शिकायत

विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी, अधिक कीमत वसूली या संदिग्ध गतिविधि नजर आए- तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक कुमुद सिंह खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सोमवार को सभी जिला नियंत्रकों के साथ समीक्षा बैठक कर गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।

पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी

उन्होंने बताया कि मार्च से लेकर 6 अप्रैल तक पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए भी 187 निरीक्षण किए गए हैं। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी कृत्रिम संकट पैदा न हो।

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कहां है विशेष व्यवस्था?

प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 5 किलोग्राम के छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इससे उन लोगों को राहत मिल रही है, जिन्हें नियमित सिलेंडर प्राप्त करने में दिक्कत होती है।

डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

घरेलू गैस सिलेंडरों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिलेंडर केवल पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे और किसी तरह की हेराफेरी न हो।

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प्रदेश में फिलहाल पर्याप्त स्टॉक

विभाग के अनुसार फिलहाल हिमाचल प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लगातार सप्लाई बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

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