हमीरपुर। सरकारी या प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी के पीछे भागने के इतर स्वरोजगार अपनाकर अपना बिजनेस स्थापित करना सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे युवा न केवल खुद को बल्कि अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे सकते हैं और अपने परिवार की आने वाली पीढ़ी के लिए भी रोजगार सुरक्षित रख सकते हैं।

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से युवा ले रहे लाभ

उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवाओं के लिए पूंजी की कमी अब कोई बड़ी बाधा नहीं है। प्रदेश के सीएम ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ऐसे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत सस्ते दरों पर ऋण और लाखों रुपये की सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराती है। इस योजना का लाभ उठाकर कई युवा अपने उद्यम स्थापित कर रहे हैं साथ ही दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। ह भी पढ़ें : हिमाचल में चिट्टा तस्करों को नहीं मिलेगी जमानत! यहां जानें पूरा मामला

यहां से शुरू हुआ शम्मी का सफर

ऐसे ही एक युवा हैं जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के शम्मी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक की डिग्रीधारक शम्मी पहले एक ऑटोमोबाइल एजेंसी में काम कर रहे थे। मगर कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा था और न ही संतोषजनक सुविधाएं। नौकरी में व्यस्तता के कारण वे परिवार को भी समय नहीं दे पा रहे थे।

दूसरों को भी लाभ देना चाहते हैं शम्मी

अपने उद्यम की इच्छा रखने के बावजूद पूंजी की कमी के चलते उनका सपना अधूरा था। लेकिन मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की सहायता से शम्मी ने अब एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। शम्मी के मन में हमेशा से अपना कुछ करने की ख्वाहिश थी। एक ऐसा सपना जहां वे सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी कुछ कर सकें। उन्होंने कई बार इस पर विचार किया लेकिन उद्यम स्थापित करने के लिए पैसे की कमी हर बार आड़े आ जाती। ह भी पढ़ें :  टैक्सी और कार में भिड़ंत-1 साल के मासूम से छिन गई मां की ममता, चालक भी नहीं बचा

ऐसे हुई नए सफर की शुरुआत

उदासी के उन दिनों में ही शम्मी को पता चला मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के बारे में। शम्मी ने बिना वक्त गवाएं योजना का लाभ लेने का फैसला किया। उन्होंने अपनी योजना बनाई और बैंक में आवेदन किया। कुछ ही समय में स्वीकृति मिल गई और उनके पास उद्यम शुरू करने के लिए जरूरी व पर्याप्त पूंजी हो गई। शम्मी ने अपनी खुद की ऑटोमोबाइल सर्विस और स्पेयर पार्ट्स वर्कशॉप की शुरुआत की। यह उनके लिए नए सफर की शुरुआत थी। ह भी पढ़ें : हिमाचल : SBI बैंक कैशियर को था सट्टेबाजी का चस्का, ग्राहकों से 54 लाख की हेराफेरी

कुछ युवाओं को शम्मी ने दिया है रोजगार

शुरुआती चुनौतियों के बावजूद शम्मी ने अपनी मेहनत और समर्पण से अपने उद्यम को सफल बनाया। आज उनकी वर्कशॉप में आसपास के गांवों से लोग अपनी गाड़ियां ठीक करवाने आते हैं। शम्मी ने अपने व्यवसाय में कुछ कर्मचारियों को भी रोजगार पर रखा है जिससे उनके इलाके के कुछ युवा भी रोजगार पा रहे हैं। ह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार के हाथ-पांव फूले- खत्म होती जा रही लोन लिमिट के बीच कैसे चलेगा प्रदेश?

शम्मी अपने क्षेत्र में बनें प्रेरणास्त्रोत

अब शम्मी न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं बल्कि अपने क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बना रहे हैं। उनके इस सफर ने गांव के युवाओं को प्रेरणा दी है कि स्वरोजगार अपनाकर वे भी अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा कर सकते हैं। शम्मी का यह सफर इस बात की मिसाल है कि अगर सही समय पर सही अवसर मिले तो सपनों को साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना ने न केवल शम्मी के सपनों को पंख दिए बल्कि उनके माध्यम से कई और लोगों की जिंदगी भी संवार दी।

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