शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते एक हफ्ते के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 120 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है- जिससे कई इलाकों में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
हिमाचल में मौसम का कहर
लगातार बदलते मौसम के बीच अब अगले तीन दिन भी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम विभाग प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान की चेतावनी दी गई है।
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कई जिलों में अलर्ट जारी
वहीं कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भी यही स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है, जो मौसम के अस्थिर बने रहने का संकेत है।
तेज तूफान-ओलावृष्टि का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ओलावृष्टि के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस तरह के हालात न केवल आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं, बल्कि खेती-बाड़ी पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।
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सेब बागवानों पर दोहरी मार
हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों, खासकर शिमला और कुल्लू जिलों में बीते तीन दिनों के दौरान ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस समय सेब के पेड़ों में फूल आने का दौर होता है, लेकिन तेज ओलों ने इन फूलों को झड़ाकर उत्पादन पर सीधा असर डाला है। कई बागवानों के एंटी-हेल नेट और बांस के ढांचे भी तेज हवाओं और ओलों की वजह से टूट गए हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है।
9 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 7 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ काफी सक्रिय रहेगा। खासतौर पर 8 अप्रैल को भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफान की स्थिति गंभीर हो सकती है। 10 अप्रैल से इसके कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 11 और 12 अप्रैल को भी मध्यम और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा।
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तापमान में गिरावट, ठंड ने फिर दी दस्तक
लगातार बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। इससे जहां एक ओर ठंड का असर बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रशासन और लोगों के लिए चुनौती
मौसम की इस स्थिति ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के चलते बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
