शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे के बाद शिमला जिला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी के साथ-साथ लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई।

हिमाचल में बर्फबारी

इससे पहले रात भर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ तूफान भी चला। बारिश और बर्फबारी के इस दौर के बाद पहाड़ों में ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया है।

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: अब नहीं मिलेगी सेवा विस्तार, पुनर्नियुक्ति; नई भर्तियों का रास्ता साफ

सर्दियों जैसी ठंड बढ़ी

हालात ऐसे बन गए हैं जैसे सर्दियों के महीने दिसंबर-जनवरी लौट आए हों। अप्रैल महीने में लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है। वहीं बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में भी औसतन करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

तेज तूफान-ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि और तेज तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का अपाहिज सिस्टम : व्हील चेयर पर पड़े शख्स को बताया मु.र्दा- पेंशन भी की बंद

अगले 48 घंटे तक मौसम खराब

आने वाले 48 घंटों में भी मौसम के मिजाज में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। गुरुवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 9 अप्रैल को कुछ जिलों में मौसम थोड़ा थम सकता है, लेकिन 10 अप्रैल तक ही राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद भी ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

किसानों-बागवानों को चिंता

मौसम की इस मार का असर बागवानी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ऊंचे इलाकों में हो रही बर्फबारी से सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। बर्फ का वजन एंटी-हेल नेट और सहारे के लिए लगाए गए बांसों को नुकसान पहुंचा रहा है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल: ट्रांसपोर्टर की हड़ताल ने बिगाड़े हालात, वाहनों के थमे पहिये; लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी

सेब की फ्लावरिंग पर असर

सबसे ज्यादा चिंता इस समय सेब की फ्लावरिंग को लेकर है, क्योंकि इस दौरान तापमान का संतुलित रहना बेहद जरूरी होता है। मगर इन दिनों तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें