#यूटिलिटी
April 3, 2026
हिमाचल में बर्फबारी-बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई दिक्कतें, अगले 24 घंटे 10 जिलों पर भारी
किसानों बागवानों की बढ़ी चिंता, ओलावृष्टि से खराब हो जाएंगी फसलें
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के अनुसार प्रदेश भर में मौसम ने करवट बदल ली है। अप्रैल महीने में हो रही बारिश बर्फबारी ने अप्रैल के महीने में ही दिसंबर जैसी सर्दी का अहसास दिला दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिशए तेज तूफान और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। वहीं निचले इलाकों में ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सबसे बड़ी चिंता किसानों और बागवानों के लिए खड़ी हो गई है] जिनकी फसलों पर इस बेमौसमी बारिश की भारी मार पड़ी है।
राजधानी शिमला सहित कांगड़ा, कुल्लू, चंबा और मंडी जिलों में शुक्रवार को मौसम ने जमकर कहर बरपाया। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार में 'अंदरूनी कलह' तेज, HPTDC के 8 होटल निजी हाथों में देने पर बिफरे RS बाली
IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में आज रात और कल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। इस दौरान निचले व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में तेज बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। लाहौल स्पीति, किन्नौर और कुल्लू जिला के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात होने के आसार है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चल सकता है।
यह भी पढ़ें : अनुराग बोले: मोदी सरकार ने खत्म किया फर्जी राशन कार्ड का खेल, हिमाचल में 25 हजार हुए रद्द
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 9 अप्रैल तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने का अनुमान है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 4 से 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि मनाली, भुंतर और सुंदरनगर में भी तापमान में तेज गिरावट देखी गई। इस बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों और बागवानों पर पड़ा है। प्रदेश में इस समय सेब के बागानों में फ्लावरिंग का दौर चल रहा है, लेकिन लगातार हो रही ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा गेहूं, मटर और गुठलीदार फलों की फसलों पर भी मौसम की मार पड़ रही है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 250 पदों पर निकली भर्ती : आवेदन करने के लिए सिर्फ दो दिन बाकी- जानें सब कुछ
उधर, लाहौल-स्पीति में हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा टालने और सतर्क रहने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, हिमाचल में मौसम का यह बदला मिजाज जहां लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास करवा रहा है, वहीं बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि ने जनजीवन के साथ-साथ कृषि-बागवानी को भी गहरी चोट पहुंचाई है। आने वाले दिनों में मौसम की यह मार और बढ़ने की संभावना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।