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April 3, 2026

सुक्खू सरकार में 'अंदरूनी कलह' तेज, HPTDC के 8 होटल निजी हाथों में देने पर बिफरे RS बाली

होटलों के निजीकरण पर अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे बाली

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RS Bali

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ सुक्खू सरकार के फैसलों को लेकर अब अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। ताजा मामला हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के 8 होटलों को निजी हाथों में देने के निर्णय से जुड़ा है, जिस पर सरकार को अपने ही विधायक और निगम अध्यक्ष आरएस बाली की नाराजगी झेलनी पड़ रही है।

 

नगरोटा बगवां से विधायक और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के अध्यक्ष आरएस बाली ने सरकार के उस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें निगम के 8 घाटे में चल रहे होटलों को 'ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस' (O&M) आधार पर निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया है। बाली ने स्पष्ट किया कि पर्यटन निगम इस फैसले के पक्ष में कतई नहीं है, लेकिन कैबिनेट के फैसले को वह चुनौती नहीं दे सकते।

 

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सुक्खू सरकार के फैसले पर जताई नाराजगी

उन्होंने बताया कि इन होटलों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार से रेनोवेशन हेतु आर्थिक सहायता मांगी गई थी, लेकिन इसके बजाय कैबिनेट ने इन्हें ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) आधार पर निजी क्षेत्र को सौंपने का फैसला ले लिया। बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय निगम की मंशा के विपरीत है, लेकिन कैबिनेट के फैसले को अब चुनौती देना संभव नहीं है। इस फैसले को लेकर निगम के कर्मचारियों में भी रोष देखा जा रहा है और वे भी इसका विरोध कर रहे हैं।

 

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नगरोटा में 180 करोड़ से बनेगा भव्य होटल

आर एस बाली ने बताया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (BOD) की बैठक में कई बड़े विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई है। नगरोटा बगवां में बनेर खड्ड के किनारे लगभग 180 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य होटल का निर्माण किया जाएगा। एडीबी परियोजना के तहत बनने वाला यह होटल फाइव स्टार श्रेणी का होगा और इसमें प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन भी स्थापित किया जाएगा।

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होटलों का किया जा रहा नवीनीकरण

इसके अलावा शिमला स्थित होटल हॉलिडे होम के नवीनीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि मनाली और अन्य क्षेत्रों के होटलों में भी बड़े स्तर पर रेनोवेशन कार्य चल रहा है। ज्वालाजी और हमीरपुर के होटलों के उन्नयन पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निगम ने पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया है] ताकि पर्यटकों को हर समय सहायता मिल सके।

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टर्नओवर में उछाल

निजीकरण के दावों के बीच बाली ने निगम की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में HPTDC की टर्नओवर में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल में HPTDC ने अपनी टर्न ओवर में लगातार वृद्धि की है। 2021-22 में निगम की जो टर्न ओवर 78 करोड़ थी जिसको 2022-23 में 109 करोड़, 2023 -24 में 105 करोड़ और 2024-25 में बढ़ाकर 107 करोड़ पहुंचाया है। 

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हालांकि, एक ओर जहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी होटलों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय राजनीतिक बहस का विषय बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर सरकार और संगठन के बीच मतभेद किस दिशा में जाते हैं।

 

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