शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि उपयोगकर्ताओं के लिए बिजली दरें मात्र 1 रुपये प्रति यूनिट तय की हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय किसानों की आजीविका को सशक्त बनाने और खेती को टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
1 रुपए प्रति यूनिट देना होगा
सरकार अब बिजली की वास्तविक दर 5.04 रुपये प्रति यूनिट में से 4.04 रुपये का भार स्वयं उठाएगी, जिससे किसानों को सिर्फ 1 रुपये प्रति यूनिट चुकाना होगा। यह सीधी सब्सिडी राज्य सरकार वहन करेगी।
पुराने बिलों में अतिरिक्त राशि होगी समायोजित
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कुछ किसानों को अधिसूचना में देरी के कारण पहले के बिलों में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा होगा, लेकिन यह रकम आगामी बिलों में समायोजित कर दी जाएगी। इससे किसानों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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ग्रामीण विकास और जलवायु चुनौतियों से निपटने में मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करेगा, बल्कि राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देगा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मददगार साबित होगा।
पूर्व में भी हिमाचल सरकार द्वारा
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प्राकृतिक आपदाओं में मुआवजा,
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फसल बीमा योजना,
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किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार
जैसे कई कदम उठाए गए हैं। यह ताज़ा सब्सिडी निर्णय उसी श्रंखला की अगली कड़ी है।
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कृषि बिजली दरों पर नज़र
| विवरण | राशि (प्रति यूनिट) |
|---|---|
| वास्तविक दर | ₹5.04 |
| सरकारी सब्सिडी | ₹4.04 |
| किसान द्वारा चुकाई जाने वाली राशि | ₹1.00 |
मॉडल बन सकता है हिमाचल का फैसला
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर के किसान बढ़ती लागत से परेशान हैं। हिमाचल सरकार की यह पहल न सिर्फ स्थानीय किसानों को राहत देगी, बल्कि अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल भी बन सकती है।
