शिमला। कोरोना का नाम सुनते ही लोगों में दहशत का माहौल बन जाता है। लोगों को लॉकडाउन के वो दिन याद आ जाते हैं। जिनमें लोग अपने आसपड़ोस के लोगों से भी दूर हो गए थे। हिमाचल प्रदेश सहित देश दुनिया में कोरोना वायरस ने भयंकर तबाही मचाई थी। अब एक बार फिर वहीं कोरोना वापस लौट आया है। देश भर में कोरोना के कई मामले सामने आए हैं। जिन्हें देखते हुए प्रदेश सरकार ने हिमाचल में भी अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को एक बार फिर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
देश भर में कोविड के 257 मामले
बता दें कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में 12 मई से 19 मई के बीच सप्ताह में 164 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जिससे देश में कुल सक्रिय मामले 257 हो गए हैं। केरल में सबसे अधिक 95 मामले हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 69 मामलों की वृद्धि है। इसके बाद तमिलनाडु में 66 और महाराष्ट्र में 56 मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
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हिमाचल सरकार ने उचित व्यवस्था के दिए निर्देश
ऐसे में देश में बढ़ते कोविड मामलों को देखते हुए हिमाचल सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों को आने वाले समय में कोविड 19 और इन्फ्लूएंजा के मामलों को रोकने के लिए उचित व्यवस्था की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर, बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीएसए संयंत्र, एंटीबायोटिक्स के अलावा आवश्यक दवाएं सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए हैं।
बीमारियों की निगरानी और रिपोर्टिंग का आदेश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आईएलआई (Influenza Like Illness) और एसएआरआई (Severe Acute Respiratory Infection) के मामलों की जानकारी IHIP-IDSP पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज करें। वहीं, कोरोना और इन्फ्लूएंजा के पुष्ट मामलों की रिपोर्टिंग एल-फॉर्म के माध्यम से की जाएगी।
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जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजने का निर्देश
संभावित वैरिएंट्स की पहचान के लिए कोविड सैंपल को INSACOG से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं जैसे एसएलबीएसडीएमसी नेरचौक, मंडी या एनआईवी पुणे भेजा जाएगा। पॉजिटिव पाए गए मामलों की जानकारी राज्य और जिला स्तरीय निगरानी इकाइयों के साथ साझा करना अनिवार्य किया गया है।
बचाव ही सबसे अच्छा उपाय
विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसे में नियमित हाथ धोना, मास्क पहनना, और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना जरूरी है।
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नया वैरिएंट JN.1 और उसके लक्षण
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट से निकला नया रूप JN.1 कुछ ऐसे म्यूटेशन के साथ सामने आया है जो वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर संक्रमण फैला सकता है। हालांकि इसकी गंभीरता फिलहाल कम बताई जा रही है। इसके आम लक्षणों में सूखी खांसी, नाक का बहना या बंद होना, सिरदर्द, गले में खराश, बुखार, थकान, और कभी-कभी स्वाद या गंध का चले जाना शामिल हैं।
