शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सत्ता में आने पर सबसे पहले कम संख्या वाले प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को बंद कर दिया था। सुक्खू सरकार ने 1094 स्कूलांे पर ताला जड़ा था। इसी तर्ज पर अब एक बार फिर सुक्खू सरकार सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों को डिनोटिफाई करने जा रही है। इस बार शर्त में100 से कम संख्या वाले स्कूल और कॉलेज रखे गए हैं। शिक्षा विभाग ने इसकी सूची तैयार कर ली है और अब इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा।
क्या बोले शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर
इसको लेकर जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि सरकार ने कम संख्या और घटती एनरोलमेंट के आधार पर सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश में 100 से कम संख्या वाले कॉलेजों को बंद करने का निर्णय लिया है। बंद होने वाले कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा। 20 विद्यार्थियों की संख्या वाले 49 हाई और 25 विद्यार्थियों की संख्या वाले 29 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नए शैक्षणिक सत्र से पहले मर्ज किए जाएंगे।
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21 कॉलेजों पर लटकेगा ताला
रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में ऐसे तकरीबन 21 कॉलेज हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 100 से कम है। वहीं दो ऐसे कॉलेज भी हैं, जो कभी शुरू ही नहीं हुए। ऐसे मंे इन कॉलेजों और स्कूलों को मर्ज कर यहां पर तैनात प्रोफेसरों और शिक्षकांे को उन स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां पहले से स्टाफ की कमी चल रही है।
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रोहित ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने इसी तरह से कम संख्या वाले सेकेंडरी स्कूलों को भी मर्ज करने या बंद करने का फैसला लिया है। सेकेंडरी स्कूलों में छठी से 12वीं तक तक 25 से कम संख्या वाले छात्रों के स्कूलों को डिनोटिफाई किया जाएगा। हालांकि, दूर दराज इलाकों में यह संख्या 15 रखी गई है। इसके अलावा 11वीं 12वीं में सिंगल डिजिट एनरोलमेंट होने को भी स्कूलों के डी.नोटिफाई करने के लिए आधार बनाया गया है।
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बता दंे कि सुक्खू सरकार इससे पहले 1094 मिडिल और प्राइमरी स्कूलों को डी.नोटिफाई या मर्ज कर चुकी है। इनमें से 975 स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं था और जीरो एनरोलमेंट थी। वहीं, 419 स्कूलों में 694 बच्चे पढ़ रहे थे, जिनको साथ स्कूलों में मर्ज किया गया।
इन कॉलेजों में कम है छात्र संख्या
- भलेई कॉलेज में 49 छात्र
- कुपवी में 43
- कुकुमसेरी में 38
- टिक्कर में 15
- शिवनगर कॉलेज में 97
- चिंतपूर्णी में 96
- रोनहाट में 95
- हरिपुर गुलेर में 90
- रामशहर में 88
- कोटली में 85
- पझोता में 82
- ननखाड़ी में 81
- सुग भटोली में 79
- थाची में 74
- संधोल में 67
- जयनगर कॉलेज में भी 67 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जबकि गलोड़ और टौणी देवी कॉलेज में एक भी विद्यार्थी नहीं है।
