शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है। CM सुक्खू ने यह कैबिनेट की बैठक दिवाली के बाद 23 नवंबर को बुलाई है। इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें पंचायत चुनाव, आपदा प्रभावितों के पुनर्वास, खाली पदों पर भर्ती के अलावा प्रदेश में लगातार कर्मचारियों और पेंशनरों के धरने प्रदर्शन पर चर्चा कर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बेरोजगारों की नजर भी सुक्खू सरकार की इस बैठक पर टिकी हुई है।

पेंशनरों पर हो सकता है बड़ा फैसला

बता दें कि हिमाचल में पिछले कुछ समय समय पेंशनर खासकर एचआरटीसी के कर्मचारी और पेंशनर वेतन और पेंशन समय पर ना मिलने से खासे नाराज हैं। वहीं, अन्य कर्मचारी और पेंशनर भी DA एरियर को लेकर सरकार पर दवाब बना रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि 23 नवंबर को बुलाई गई इस कैबिनेट बैठक में सीएम सुक्खू कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

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आपदा प्रभावितों के पुनर्वास पर फैसला...

इसी तरह से प्रदेश सरकार इस बैठक में वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। राज्य सरकार पहले ही पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7 लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा कर चुकी है।

हरी झंडी मिलने की संभावना

इसके साथ ही खेती-बाड़ी, बागवानी, पालीहाउस, घरेलू सामान और पशुधन की क्षति पर भी अलग से मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र सरकार से सहायता में हो रही देरी के बीच राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से राहत पैकेज को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मंत्रिमंडल बैठक में राहत और पुनर्वास योजना को हरी झंडी मिलने की संभावना है।

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पंचायत चुनाव पर रणनीतिक चर्चा

बैठक में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर भी अहम रणनीति तय की जा सकती है। प्रदेश सरकार ने अभी कुछ समय पहले ही पंचायत चुनाव को पोस्टपोन करने का फैसला लिया था, जिस पर काफी बवाल भी हुआ था। ऐसे में अब सुक्खू सरकार पंचायत चुनावों पर बड़ा फैसला ले सकती है।

रोपवे प्रोजेक्ट पर भी हो सकता है फैसला

मंत्रिमंडल बैठक में तारादेवी-शिमला रोपवे प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिल सकती है। 13.79 किलोमीटर लंबे इस रोपवे प्रोजेक्ट के लिए हिमाचल रोपवे ट्रांसपोर्ट डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। पहले टेंडर में एक ही कंपनी की भागीदारी के कारण प्रक्रिया अटक गई थी, लेकिन अब इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से पर्यटकों को सुविधा और ट्रैफिक दबाव में राहत मिलने की उम्मीद है।

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खाली पदों पर भर्ती की संभावना

बैठक में विभिन्न विभागों में खाली पड़े हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को लेकर भी अहम निर्णय हो सकता है। सरकार दो वर्षों का रोजगार रोडमैप तैयार कर रही है,

जिसके तहत युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर दिए जाएंगे। हमीरपुर चयन आयोग को पुनः सक्रिय करने के बाद भर्ती प्रक्रिया को गति देने की दिशा में यह बैठक अहम साबित हो सकती है।

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