किन्नौर। हिमाचल प्रदेश की सियासत में जिला परिषद चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। लाहौल-स्पीति जिला परिषद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने कब्जा जमा लिया है। काजा वार्ड से जिला परिषद सदस्य ठिनले देचेन अध्यक्ष चुनी गई हैं, जबकि सुरेश कुमार ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि अध्यक्ष पद के चुनाव में ठिनले देचेन को पांच वोट मिले, जिससे उन्होंने बाजी मार ली। इस नतीजे को पूर्व मंत्री के लिए बड़ा राजनीतिक झटका और समर्थकों के लिए धोखे के तौर पर देखा जा रहा है।
एक वोट से ठिनले देचेन ने मारी बाजी
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में ठिनले देचेन को कुल पांच वोट मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित उनकी प्रतिद्वंद्वी शशि किरण को चार वोट मिले। इस तरह ठिनले देचेन ने महज एक वोट के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
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सुरेश कुमार को मिले छह वोट
अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। इसमें सुरेश कुमार को छह वोट मिले, जबकि लाहौल-स्पीति विकास मंच समर्थित रंजीत को तीन वोट मिले। सुरेश कुमार ने तीन वोट के अंतर से उपाध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।
नौ के नौ जिला परिषद सदस्य रहे मौजूद
चुनाव के दौरान जिला परिषद के सभी नौ निर्वाचित सदस्य मौजूद रहे। चुनाव के बाद जिला परिषद की कमान अब अध्यक्ष के तौर पर भाजपा समर्थित ठिनले देचेन और उपाध्यक्ष के तौर पर सुरेश कुमार के हाथों में आ गई है।
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पहले कोरम पूरा नहीं होने से टल गया था चुनाव
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए इससे पहले 21 सितंबर को बैठक रखी गई थी, लेकिन उस समय कोरम पूरा नहीं हो पाया था। इसके चलते चुनाव स्थगित करना पड़ा था। बाद में 5 अक्टूबर को चुनाव की नई तारीख तय की गई और सोमवार को चुनाव पूरा हो गया।
रवि ठाकुर ने ठिनले देचेन को दी बधाई
भाजपा नेता और पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने ठिनले देचेन की जीत पर उन्हें और सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में भाजपा की जीत जनता के भरोसे और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है।
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रवि ठाकुर ने खास तौर पर महिलाओं की ओर से भाजपा प्रत्याशियों को मिले समर्थन को उत्साहजनक बताया। उन्होंने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाने के लिए प्रशासन का भी आभार जताया।
भाजपा की जीत से कार्यकर्ताओं में बढ़ा उत्साह
रवि ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है। उन्होंने ठिनले देचेन के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि जिला परिषद का कामकाज बेहतर तरीके से आगे बढ़ेगा।
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रामलाल मारकंडा ने चुनाव को लेकर उठाए सवाल
दूसरी ओर, पूर्व कैबिनेट मंत्री और लाहौल-स्पीति विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. रामलाल मारकंडा ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच एक तरह का अनौपचारिक समझौता हुआ था। मारकंडा के मुताबिक, इस समझौते में अध्यक्ष पद भाजपा और उपाध्यक्ष पद लाहौल-स्पीति विकास मंच के खाते में जाने की बात थी।
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उनका कहना है कि विकास मंच ने अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जगह सुरेश कुमार के जीतने से पूरा समीकरण बदल गया। हालांकि, मारकंडा की ओर से लगाए गए इन आरोपों को फिलहाल उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
अब सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे मुद्दों पर रहेगी नजर
अब जिला परिषद के सामने कई स्थानीय मुद्दों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। इनमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सामने जिला परिषद के कामकाज को गति देने और लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी रहेगी।
