शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में जुट गई है। इस कवायद में पहला निशाना वे अफसर और कर्मचारी होंगे, जो जयराम सरकार के समय से एक ही जगह बने हुए हैं। दूसरे नंबर पर वे अफसर होंगे, जिन पर काम का बोझ है। सुक्खू सरकार इस पूरे प्रशासनिक फेरबदल में उन अफसरों को तवज्जो दे रही है, जो सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकें।

थीम है अत्मनिर्भर हिमाचल

प्रशासनिक फेरबदल में आईएएस और आईपीएस से लेकर एचपीएस से तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को बदला जाना है। चूंकि इस साल के बजट में सुक्खू सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहा, इसलिए इस फेरबदल में अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती उसी आधार पर होनी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुक्खू सरकार ने फेरबदल का पूरा खाका तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि फेरबदल की इस बार की थीम आत्मनिर्भर हिमाचल पर रहेगी।

 

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फाइलें जल्दी निपटाएं

सुक्खू सरकार ने सत्ता में आने के बाद मुख्य रूप से बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के ही तबादले किए हैं। जिला और मंडल स्तर पर तबादलों का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अफसर ऐसे भी हैं, जिन पर 3 विभागों का जिम्मा है। इन अधिकारियों की शिकायत काम के दबाव की रहती है, जिसके कारण काम पूरा होने में देरी हो रही है। अब चूंकि राज्य में इस साल पंचायत चुनाव होने हैं और 2027 में राज्य विधानसभा के चुनाव भी हैं, तो प्रशासनिक फेरबदल के खाके में सरकार ने योजनाओं के जमीनी अमल को तेज करने की योजना बनाई है।

 

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एडजस्टमेंट को ना

स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी और राज्य के जनजातीय क्षेत्र में चिकित्सा ढांचे के चरमराने से विपक्ष के निशाने पर कई बार आ चुकी सुक्खू सरकार इस बार डॉक्टरों की ना सुनने को तैयार नहीं है। पीजी करने वाले राज्य के डॉक्टरों को वहीं ज्वॉइन करना होगा, जहां सरकार चाहेगी।

 

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खासकर जनजातीय क्षेत्रों में पदस्थापना से डॉक्टर ना नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा पोस्टिंग बदलवाना भी अब डॉक्टरों के लिए मुश्किल हो जाएगा। इस बारे में सीएम की ओर से स्वास्थ्य विभाग को साफ कर दिया गया है कि पोस्टिंग लेने के बाद एडजस्टमेंट करने का आवेदन देने वाले डॉक्टरों को मना कर दिया जाए।

 

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