शिमला। हिमाचल प्रदेश का राजनीतिक माहौल इस समय गरमाया हुआ है। आज शिमला में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर सुक्खू सरकार पर जमकर बरसे। जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और उनके चहेतों द्वारा हिमाचल में किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया। इस दौरान जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को भी सबके सामने रखा।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हिमाचल में संवैधानिक व्यवस्थाएं हाशिए पर हैं और सत्ता का संचालन मंत्रिमंडल के बजाय एक मित्र मंडली के जरिए किया जा रहा है। प्रदेश के महत्वपूर्ण और नीतिगत फैसले बंद कमरों में कुछ चुनिंदा लोगों के बीच लिए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कांग्रेस के अंदर चल रही अंतर्कलह
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार के भीतर अस्थिरता और भय का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने ही नेता इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि पार्टी के अंदर कब कौन-सा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ जाए। उनके अनुसार हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस के भीतर विश्वास का संकट गहरा चुका है और पार्टी के कई नेता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं को दिया था टिकट का आश्वासन
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर अपने ही सहयोगियों को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई वरिष्ठ नेताओं को अंत तक अंधेरे में रखा गया और उन्हें टिकट का झूठा आश्वासन देकर दिल्ली के चक्कर लगवाए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक हितों के लिए अपने ही सहयोगियों को गुमराह कियाए जिससे पार्टी के भीतर गहरा असंतोष और विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई है।
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सीएम सुक्खू ने निपटा दिए अपने राजनीति गुरु
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने ही राजनीतिक गुरु आनंद शर्मा को किनारे लगा दिया है, जिनकी सार्वजनिक पीड़ा आज पूरे प्रदेश के सामने है। राज्यसभा उम्मीदवार के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जिसे साधारण कार्यकर्ता बताकर पेश किया गया, वह असल में करोड़ों की संपत्ति का स्वामी है। उन्होंने शपथपत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि उम्मीदवार के पास 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उन्हें भारी भरकम सरकारी ठेके भी दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के लिए "साधारण" की परिभाषा अब करोड़ों के ठेके और अकूत संपत्ति तक सिमट गई है।
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हिमाचल की संपदा मित्रों के हवाले करने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के संसाधनों और संपदा का लाभ भी एक सीमित समूह को पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सिरमौर के शिलाई क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मात्र 25 पेड़ काटने की अनुमति की आड़ में 300 से अधिक हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह सब बिना राजनीतिक शह के संभव नहीं है और वर्तमान शासन में इसकी निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं है। जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि आज भले ही सत्ता के रसूख के कारण जांच को दबाया जा रहा है, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद एक-एक पेड़ और एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा।
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विकास कार्यों पर लगा विराम
पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार के कार्यकाल को विकास के लिहाज से 'शून्य' करार देते हुए कहा कि भाजपा शासन के दौरान शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाएं आज दम तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमकेयर, सहारा और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं, जिन्होंने आम जन के जीवन को सुगम बनाया था, उन्हें बजट और इच्छाशक्ति के अभाव में ठप कर दिया गया है। उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए चुप नहीं बैठेगी और जनता के साथ मिलकर इस 'मित्र मंडली' की सरकार को बेनकाब करती रहेगी।
