#राजनीति
April 17, 2026
मिशन पंचायत 2026: हिमाचल कांग्रेस की 71 ब्लॉक अध्यक्षों की फौज तैयार; भाजपा खेमे में हलचल
हिमाचल कांग्रेस ने 71 ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। करीब डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद पार्टी ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिससे अब ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद जिंटा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार की मंजूरी के बाद 71 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की तैनाती की गई है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला पंचायत चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है। ब्लॉक स्तर पर नई टीम के गठन से पार्टी अब सीधे गांवों और पंचायतों तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। इससे न सिर्फ संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि सरकार की योजनाओं और नीतियों को भी प्रभावी ढंग से ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए71 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन 71 ब्लॉक अध्यक्षों में एक भी महिला नहीं है। ऐसे में संगठन के अंदर खाते चर्चाओं का दौर जारी हो गया है। हालांकि अनुसूचित जाति के 17 नेताओं को ब्लॉक स्तर पर संगठन की कमान सौंपी गई है। इसी तरह अनुसूचित जनजाति के भी 8 नेताओं को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया। मगर कांग्रेस आधी आबादी वाली महिलाओं को भूल गई है।


ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से पार्टी के भीतर असंतोष भी देखने को मिल रहा था। हाल ही में हुई बैठकों में कई वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे को जोर.शोर से उठाया था। दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा 6 नवंबर 2024 को पुरानी कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद से ही नई नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था।
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नई नियुक्तियों के बाद अब पार्टी को उम्मीद है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। ब्लॉक अध्यक्ष स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को तेज करेंगे और जनता से जुड़ी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। हिमाचल कांग्रेस के इस कदम को आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश में जुटी है।