#राजनीति
April 21, 2026
हिमाचल कांग्रेस में नया फॉर्मूला लागू- काम न करने पर छोड़नी होगी कुर्सी, कई नेताओं पर मंडराया संकट
कांग्रेस ने अपनाई ‘परफॉर्म करो या पद छोड़ो’ की नीति
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शिमला। कांग्रेस संगठन में जवाबदेही तय करने और जमीनी स्तर पर काम को मजबूत करने के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राहुल गांधी के निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश में परफॉर्मेंस बेस्ड फ्रेमवर्क लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत अब पार्टी पदाधिकारियों के काम का मूल्यांकन डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार कर रही है, जिसमें ब्लॉक और जिला अध्यक्षों के साथ-साथ राज्य कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को अपनी गतिविधियों की जानकारी अपलोड करनी होगी। इस ऐप के जरिए यह रिकॉर्ड रखा जाएगा कि किस नेता ने कब और क्या काम किया। इसी आधार पर उनकी परफॉर्मेंस तय की जाएगी।
पार्टी ने प्रदर्शन को तीन श्रेणियों में बांटने की योजना बनाई है। ग्रीन जोन में वे नेता होंगे जो उत्कृष्ट कार्य करेंगे। इन्हें भविष्य में विधानसभा, लोकसभा या राज्यसभा चुनावों में टिकट देने के साथ संगठन में बड़े पद भी दिए जा सकते हैं।
येलो जोन में औसत प्रदर्शन करने वाले नेता होंगे, जिन्हें अपने काम में सुधार करने का मौका दिया जाएगा। रेड जोन में खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी रखे जाएंगे।
रेड जोन में आने वाले नेताओं को एक मौका सुधार का दिया जाएगा, लेकिन यदि इसके बाद भी प्रदर्शन नहीं सुधरा तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। पार्टी स्पष्ट संकेत दे रही है कि अब संगठन में बने रहने के लिए सक्रियता और परिणाम जरूरी होंगे।
पदाधिकारियों के काम का आकलन हर तीन महीने में किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) दोनों स्तरों पर इसकी निगरानी होगी।
राज्य और AICC स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां से पूरे संगठन की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इससे पार्टी को जमीनी स्तर की रिपोर्ट सीधे मिल सकेगी और फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
यह नया सिस्टम न केवल जवाबदेही तय करेगा, बल्कि मेहनत करने वाले नेताओं को आगे बढ़ाने का रास्ता भी खोलेगा। पंचायत और आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस का यह कदम संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।