शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में 26 नवंबर से हलचल तेज होने वाली है। गौरतलब है कि 26 नवंबर से हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र को लेकर भाजपा ने विपक्षी दल के रूप में तैयारियां तेज कर ली हैं। सरकार को घेरने की रणनीति को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक का आयोजन शिमला में हुआ। 

26 नवंबर से धर्मशाला में शीतकालीन सत्र

बैठक में सदन में विपक्ष की रूपरेखा को लेकर चर्चा हुई। विपक्ष, पंचायती राज चुनाव ना होने, आपदा में हुए नुकसान व कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा। गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से धर्मशाला में शुरू होगा।

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बरसात के पीड़ितों को नहीं मिली है राहत

भाजपा प्रदेश विधायक दल के सचिव रणधीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार को अलग-अलग विषयों पर घेरने की योजना बनी है। विभिन्न नियमों के तहत उन पर चर्चा लाई जाएगी। बरसात से प्रभावित लोगों को अभी तक राहत नहीं मिली है, उसे लेकर सरकार को घेरा जाएगा।

प्रदेश में बनी संवैधानिक संकट की स्थिति 

रणधीर शर्मा ने ये भी कहा कि जिस तरह पंचायती राज चुनावों को टालने की कोशिश की जा रही है, उससे सरकार और चुनाव आयोग में टकराव की स्थिति बन गई है। प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति बन गई है। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। 

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बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाएंगे

सचिव रणधीर शर्मा ने कहा कि इन मुद्दों के अलावा विपक्षी दल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य के गिरते स्तर को लेकर भी अलग-अलग नियमों के तहत विधानसभा सत्र के अंदर चर्चा उठाई जाएगी। 

4 दिसंबर को जोरावर स्टेडियम में प्रदर्शन

शर्मा ने बताया कि 4 दिसंबर को विपक्षी दल धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन करेगा। शर्मा ने कहा कि सुक्खू सरकार जन विरोधी है। इसका रवैया तानाशाही पूर्ण है। ये सरकार भ्रष्टाचार में संलिप्त है व कानून व्यवस्था लचर है।