शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं और अब गांवों में चुनावी माहौल बनने लगा है। आज से उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र भर सकेंगे और इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय मिलेगा। चुनाव लड़ने के लिए निर्वाचन आयोग ने कुछ जरूरी नियम और दस्तावेज भी तय किए हैं। ऐसे में लोग यह जानने में जुटे हैं कि कौन चुनाव लड़ पाएगा और कौन नहीं।
तीन दिन तक होगा नामांकन
बाते दें कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार आज वीरवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 7, 8 और 11 मई को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य अपने नामांकन पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) के पास जमा कर सकेंगे।
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नामांकन को लेकर तैयारियां पूरी
वहीं पंचायत समिति के उम्मीदवार तहसीलदार कार्यालय में और जिला परिषद के उम्मीदवार SDM ऑफिस में जाकर अपने नामांकन पत्र जमा करेंगे। चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालयों में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
15 मई को मिलेंगे चुनाव चिन्ह
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद 14 और 15 मई को उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 15 मई को ही मैदान में बचे उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दे दिए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी और चुनाव प्रचार भी तेज हो जाएगा।
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तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
इस बार पंचायतीराज चुनाव तीन चरणों में करवाए जाएंगे। प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को मतदान होगा। चरणबद्ध मतदान को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और चुनाव कर्मचारियों की तैनाती की तैयारी शुरू कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाए जा सकें।
चुनाव लड़ने के लिए ये दस्तावेज जरूरी
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है। इसके साथ पंचायत से NOC भी लेनी होगी। उम्मीदवारों को एक स्वयं सत्यापित फॉर्म भी भरना पड़ेगा, जिसमें यह बताना होगा कि उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस नहीं है, वे चिट्टा जैसे मामलों में शामिल नहीं हैं, सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया है और किसी बैंक के डिफॉल्टर भी नहीं हैं।
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बिना दस्तावेज के स्वीकार नहीं होगा नामांकन पत्र
पंचायत समिति और जिला परिषद के उम्मीदवारों के लिए BDO कार्यालय से काउंटर साइन करवाना भी जरूरी किया गया है। बिना जरूरी दस्तावेजों के नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ये लोग लड़ सकेंगे चुनाव
- आशा वर्कर
- आउटसोर्स कर्मचारी
- होमगार्ड
- कृषि मित्र
- निजी डिपो होल्डर
- मनरेगा सोशल ऑडिट कर्मी
- लंबरदार
- वे लोग जिन्होंने 2006 में अवैध कब्जा नियमित करवाने के लिए स्वयं सत्यापित फॉर्म जमा किया था
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ये लोग नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति
- कब्जा करने वाले व्यक्ति के परिवार के कुछ सदस्य
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- आंगनबाड़ी सहायिका
- मिड-डे मील वर्कर
- जलरक्षक
- सहकारी समितियों के सेल्समैन
- सहकारी समितियों के सेक्रेटरी
