शिमला। हिमाचल कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती दिख रही है। पार्टी अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी माने जाने वाले केहर सिंह खाची के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है। ठियोग के विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप सिंह राठौर पर सार्वजनिक मंच से की गई टिप्पणी को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। इसी के चलते कांग्रेस ने खाची को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पार्टी ने उनसे स्पष्ट करने को कहा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
एक बयान ने बढ़ाई कांग्रेस की अंदरूनी सियासी हलचल
केहर सिंह खाची का विवादित बयान ठियोग में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आया था। उन्होंने राठौर को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वर्ष 2022 तक ठियोग में बहुत कम लोग उन्हें जानते थे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एकजुटता से उन्हें चुनाव जीतने में मदद मिली। खाची के इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। बयान को लेकर पार्टी के अंदर ही सवाल उठने लगे और विपक्ष को भी कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया।
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नोटिस भेज मांगा जवाब
कांग्रेस संगठन ने मामले को आगे बढ़ाते हुए खाची को नोटिस जारी किया है। संगठन महासचिव विनोद जिंटा की ओर से जारी नोटिस में उनसे बयान को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। खाची को निर्धारित अवधि में जवाब देने के लिए कहा गया है। पार्टी ने यह भी पूछा है कि उनके बयान को अनुशासनहीनता के रूप में क्यों न देखा जाए और उनके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। अब खाची के जवाब के बाद ही यह तय होगा कि मामला केवल स्पष्टीकरण तक सीमित रहता है या पार्टी आगे कोई कड़ा कदम उठाती है।
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राठौर पर टिप्पणी से गरमाया सियासी माहौल
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर ठियोग कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ कुलदीप सिंह राठौर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर खाची को भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में दोनों नेताओं से जुड़ा यह विवाद महज एक बयान तक सीमित न रहकर संगठन के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के लिए चुनौती यह है कि वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखती है।
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विक्रमादित्य सिंह ने संभाला था राठौर का मोर्चा
विवाद सामने आने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कुलदीप सिंह राठौर का खुलकर बचाव किया था। उन्होंने राठौर को कांग्रेस का कद्दावर और प्रतिष्ठित नेता बताते हुए उनके संगठन में लंबे योगदान का जिक्र किया था। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक राठौर ने एनएसयूआई अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं और करीब चार दशक तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया है। उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में भी राठौर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था।
भाजपा को मिला कांग्रेस पर हमला करने का मौका
कांग्रेस के भीतर उठे इस विवाद के बाद भाजपा ने भी सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा। विपक्ष ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कई धड़े सक्रिय हैं और नेताओं के सार्वजनिक बयानों ने इसकी पोल खोल दी है। अब कांग्रेस की ओर से खाची को नोटिस जारी किए जाने के बाद विपक्ष को सरकार और संगठन पर हमला करने का एक और मुद्दा मिल गया है।
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प्रियंका गांधी के करीबी नेता पर कार्रवाई से बढ़ेगी सियासी चर्चा
केहर सिंह खाची को प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में यदि पार्टी उनके खिलाफ कोई कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है, तो इसका राजनीतिक संदेश भी अहम माना जाएगा। फिलहाल गेंद खाची के पाले में है। उनके जवाब के बाद कांग्रेस संगठन तय करेगा कि मामले को यहीं समाप्त किया जाए या फिर अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए आगे की कार्रवाई की जाए। इस बीच ठियोग से लेकर शिमला तक कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।
