शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन दिनों विधानसभा सत्र के चलते सियासी हलचल अपने चरम पर है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी चर्चा आज अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
आज सदन में चर्चा का आखिरी दिन
पिछले दो दिनों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और नीतियों पर बहस ने सदन का माहौल काफी गरमा दिया है। ऐसे में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि CM सुखविंदर सिंह सुक्खू सदन में विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे।
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विपक्ष ने पूछे कई सवाल
विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का आज आखिरी दिन है। विपक्ष ने इस दौरान सरकार की कार्यशैली, आर्थिक प्रबंधन, विकास कार्यों की गति और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। वहीं सत्ता पक्ष ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है।
CM के जवाब पर टिकी नजरें
अब मुख्यमंत्री के जवाब के साथ ही इस बहस का निष्कर्ष सामने आएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का जवाब आने वाले समय की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।
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बजट से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
सत्र के बीच सबसे ज्यादा चर्चा आगामी बजट को लेकर हो रही है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार को अपना चौथा बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि यह RDG के बिना पेश किया जाएगा।
ऐसे में सरकार किस तरह संसाधनों का प्रबंधन करती है और किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि सरकार को संतुलन बनाते हुए विकास और वित्तीय अनुशासन दोनों पर ध्यान देना होगा।
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प्रश्नकाल में उठेंगे जनहित के मुद्दे
आज का सत्र सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगा। इसमें विधायकों द्वारा कुल 40 सवाल उठाए जाएंगे, जिनमें 33 तारांकित और 7 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इन सवालों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा।
सरकार से मांगा जाएगा जवाब
खाली पड़े सरकारी भवनों के उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, सड़क निर्माण योजनाएं, ऊर्जा उत्पादन, पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति और BPL सर्वे जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इससे आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट होगी।
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क्या रहेगा फोकस?
आज मुख्यमंत्री वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन के पटल पर रखेंगे। यह दस्तावेज राज्य की आर्थिक सेहत का आईना माना जाता है। इसमें विकास दर, राजस्व की स्थिति, खर्च के पैटर्न और विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन का विस्तृत ब्यौरा होता है। इस सर्वेक्षण के जरिए यह भी संकेत मिलेगा कि सरकार किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत मान रही है और आगे की नीतियों का फोकस क्या रहेगा।
अन्य मंत्री भी रखेंगे रिपोर्ट
सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कृषि मंत्री चंद्र कुमार भी अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा कुछ सरकारी विधेयकों को पुनः स्थापना के लिए पेश किया जाएगा, जिन पर आगे चर्चा होने की संभावना है।
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पूरे प्रदेश की नजरें सदन पर
विधानसभा का यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें लिए गए फैसले सीधे तौर पर प्रदेश के विकास और जनता के जीवन को प्रभावित करेंगे। आज मुख्यमंत्री के जवाब और कल पेश होने वाले बजट से सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी। ऐसे में पूरे हिमाचल प्रदेश की नजरें इस समय विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
