#अपराध
March 20, 2026
हिमाचल : सरकारी अस्पताल में नशेड़ी ने किया हंगामा- कई चीजें तोड़ी, डॉक्टर-नर्स से भी की बदसलूकी
मरीजों-तीमारदारों में दहशत का माहौल
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेडिकल जांच के लिए लाया गया एक युवक अचानक बेकाबू हो गया। करसोग स्थित सिविल अस्पताल में युवक ने एमरजेंसी वार्ड में जमकर उत्पात मचाया।
नशे में धुत युवक ने न केवल अस्पताल के भीतर तोड़फोड़ की, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस के साथ भी बदसलूकी करते हुए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार देर रात करीब 12:50 बजे की है। पुलिस एक युवक को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। जैसे ही डॉक्टर ने औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू की, युवक ने अचानक आक्रामक रुख अपना लिया।
देखते ही देखते उसने एमरजेंसी वार्ड में रखे जरूरी उपकरणों और फर्नीचर को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी की पहचान 22 वर्षीय निखिल नेगी के रूप में हुई है- जो गांव कोट का रहने वाला बताया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, युवक ने सबसे पहले जीवन रक्षक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। उसने ECG मशीन और ऑक्सीजन फ्लो मीटर जैसे महंगे उपकरणों को तोड़ दिया- जो गंभीर मरीजों के इलाज में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा उसने वार्ड के दरवाजे, कुर्सियां, टेबल और दवाइयों को भी नुकसान पहुंचाया।
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि युवक पूरी तरह नशे में था और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। उसने डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, सुरक्षा गार्ड और पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज की और धमकियां भी दीं।
इस दौरान वार्ड में मौजूद अन्य मरीज और उनके तीमारदार भयभीत हो गए। कई लोग अपनी सुरक्षा को लेकर वार्ड से बाहर निकल गए, जिससे कुछ समय के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को काबू में किया। जब हालात सामान्य हुए, तब तक एमरजेंसी वार्ड में काफी नुकसान हो चुका था। फर्श पर बिखरे उपकरण, टूटे कांच और क्षतिग्रस्त फर्नीचर इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को बयां कर रहे थे।
मामले की पुष्टि करते हुए विनोद कुमार ने बताया कि चिकित्सा अधिकारी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए हैं और आगे की जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, बढ़ते नशे के मामलों को लेकर भी चिंता गहराती जा रही है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी सीधे प्रभावित कर रही हैं।