#राजनीति
July 22, 2026
MLA होशियार सिंह बोले- भाई ने रची है साजिश, 10-12 लाख क्या होते हैं; मैंने नहीं किया घोटाला
विदेश से जारी किया वीडियो संदेश, बोले- जांच से नहीं भागूंगा
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कांगड़ा। विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में विजिलेंस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। विदेश से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि यह मामला किसी भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि उनके परिवार के भीतर चल रहे करोड़ों रुपये के कारोबारी विवाद का नतीजा है।
होशियार सिंह ने कहा कि विधायक ऐच्छिक निधि का इस्तेमाल उन्होंने हमेशा जरूरतमंद लोगों, खिलाड़ियों और गरीब परिवारों की मदद के लिए किया। उन्होंने कहा कि जिन 16 लोगों के खातों में राशि भेजी गई थी, उन्हें नियमानुसार पैसे दिए गए थे। यह आरोप कि लाभार्थियों से नकद राशि वापस ली गई, पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है।
पूर्व विधायक ने दावा किया कि शिकायत करने वाले कई लोग उनकी कंपनी में काम करते हैं और उन्हें उनके बड़े भाई कुलवंत तथा भतीजे के प्रभाव में विजिलेंस तक ले जाया गया।
उन्होंने कहा कि 10-12 लाख रुपये के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि उनकी कंपनी में 15 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण आज उन्हें धर्मशाला में किराये के मकान में रहना पड़ रहा है।
होशियार सिंह ने कहा कि कंपनी, संपत्ति और कारोबार को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने के बाद उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए यह पूरा मामला तैयार किया गया।
पूर्व विधायक ने कहा कि वह किसी भी जांच से भाग नहीं रहे हैं। भारत लौटते ही स्वयं विजिलेंस के समक्ष पेश होंगे और अपने सभी बैंक खाते, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई स्वीकार करेंगे, यहां तक कि जेल जाने को भी तैयार है, लेकिन यदि आरोप झूठे साबित होते हैं तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि विजिलेंस ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच एजेंसी ने उन 16 लाभार्थियों के बैंक खातों का पूरा विवरण जुटा लिया है, जिनके खातों में सहायता राशि भेजी गई थी। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम संबंधित लाभार्थियों तक भी पहुंच चुकी है और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसी अब धनराशि के प्रवाह, बैंक लेनदेन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।
प्रारंभिक जांच में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद विजिलेंस ने धर्मशाला स्थित थाना में मामला दर्ज किया है। पूर्व विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और दर्ज बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।