#राजनीति
July 21, 2026
हिमाचल: बुरे फंसे पूर्व MLA होशियार सिंह, FIR होते ही होने लगे बड़े खुलासे ! बढ़ेंगी मुश्किलें
देहरा उपचुनाव में सीएम सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से मिली थी हार
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शिमला/धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांगड़ा जिले के देहरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे होशियार सिंह चंब्याल की मुश्किलें अब आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। विधायक ऐच्छिक निधि में हुए कथित 13 लाख रुपये के गोलमाल मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने शिकंजा कस दिया है।
धर्मशाला विजिलेंस थाने में पूर्व विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (अमानत में खयानत) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत FIR संख्या 05/2026 दर्ज की गई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पूरा मामला विधायक ऐच्छिक निधि से वर्ष 2023 और 2024 के दौरान जारी की गई आर्थिक सहायता राशि से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि दो वर्षों में कुल 13 लाख रुपये विभिन्न लाभार्थियों के नाम पर स्वीकृत किए गए थे। इनमें वर्ष 2023 में लगभग छह लाख और वर्ष 2024 में सात लाख रुपये की राशि जारी होने का रिकॉर्ड मिला है।
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विजिलेंस की पड़ताल के दौरान कई ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई है, जिनके खातों में सहायता राशि पहुंचने का उल्लेख तो रिकॉर्ड में है, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर कभी इस सहायता के लिए आवेदन ही नहीं किया था। विजिलेंस जांच के दौरान शिकायतकर्ता सुमित गांव करियाड़ा और अजीत पाल सिंह गांव खैरियां की शिकायत के अनुसार विधायक निधि से 50-50 हजार रुपये उन लोगों के बैंक खातों में डाल दिए गए, लेकिन इसके लिए उन्होंने कभी आवेदन ही नहीं किया था।
इतना ही नहीं खाते में आए पैसों को नगदी के रूप में वापस ले लिया गया। विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि राशि किन परिस्थितियों में जारी हुईए उसका वास्तविक उपयोग क्या हुआ और क्या सहायता राशि का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा भी या नहीं।
जांच एजेंसी ने उन 16 लाभार्थियों के बैंक खातों का पूरा विवरण जुटा लिया है, जिनके खातों में सहायता राशि भेजी गई थी। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम संबंधित लाभार्थियों तक भी पहुंच चुकी है और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसी अब धनराशि के प्रवाह, बैंक लेनदेन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।
प्रारंभिक जांच में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद विजिलेंस ने धर्मशाला स्थित थाना में मामला दर्ज किया है। पूर्व विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और दर्ज बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। विजिलेंस इस बात की भी जांच कर रही है कि पूरे प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका रही है या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम या अन्य कानूनी धाराओं के तहत भी कार्रवाई की आवश्यकता बनती है।
होशियार सिंह हिमाचल की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतकर अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया था। 2022 में जीत के बाद उन्होंने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया, लेकिन बाद में राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में आ गए। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन देहरा विधानसभा उपचुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर के हाथों हार का सामना करना पड़ा।