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March 20, 2026

हिमाचल में दरकी पहाड़ी : घरों पर गिरा भारी मलबा, लोगों में दहशत; मची चीख-पुकार

कई घर करवाए खाली, बड़ी-बड़ी चट्टानें देख लोगों में हड़कंप

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Kullu Inner Akhada Landslide Himachal Weather Snowfall Rain

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में गुरुवार शाम एक बार फिर पहाड़ों की अस्थिरता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। शहर के इनर अखाड़ा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया।

अखाड़ा बाजार में दरका पहाड़

भारी मात्रा में मलबा व बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर रुख किया।

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लोगों में मचा हड़कंप

बताया जा रहा है कि यह घटना शाम के समय हुई, जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। अचानक तेज आवाज के साथ पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे सड़क पर यातायात तुरंत बाधित हो गया। देखते ही देखते सड़क मलबे से पट गई और आसपास के दुकानदारों व स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।


कुल्लू के इनर अखाड़ा में इस जगह से गिरा मलबा और पत्थर।

कई मकान करवाए खाली

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एहतियात के तौर पर सड़क के साथ लगते पांच से छह मकानों को खाली कराया गया। जिन घरों के पीछे पहाड़ी खिसकने का खतरा ज्यादा था, वहां रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। प्रशासन ने साफ कहा है कि जान की सुरक्षा सबसे प्राथमिक है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा।

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खतरे में कई परिवार

घटनास्थल पर खतरा अभी भी टला नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात भी पहाड़ी से दोबारा पत्थर और मलबा गिरता रहा, जिससे स्थिति और चिंताजनक बनी हुई है। इनर अखाड़ा के मठ क्षेत्र की पहाड़ी लगातार अस्थिर बनी हुई है और हल्की बारिश के बाद भी चट्टानों के खिसकने का सिलसिला जारी है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और व्यापारियों में भय का माहौल है।

 

कुल्लू के अखाड़ा बाजार में लैंडस्लाइड। - Dainik Bhaskar

पहले भी त्रासदी झेल चुके लोग

गौरतलब है कि यही क्षेत्र पहले भी लैंडस्लाइड की त्रासदी झेल चुका है। बीते मानसून के दौरान यहां एक मकान पर पहाड़ी का मलबा गिरने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी इलाके को संवेदनशील घोषित किया गया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण खतरा फिर से बढ़ गया है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश ने मिट्टी को ढीला कर दिया है, जिससे भूस्खलन की आशंका और अधिक बढ़ गई है।

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गुरुद्वारे में काट रहे समय

प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने राहत की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। नजदीकी गुरुद्वारे में अस्थायी रूप से रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है, ताकि विस्थापित लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रास्ते से हटवाई गाड़ियां

इसके साथ ही बचाव और राहत कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। कई जगहों से पार्क गाड़ियों को हटाकर रास्ता खाली कराया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत टीमें आसानी से पहुंच सकें।

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सतर्कता बरतें लोग

लैंडस्लाइड के चलते सड़क पर यातायात भी बार-बार प्रभावित हो रहा है। मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण इसमें बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और जारी एडवाइजरी का पालन करें।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

फिलहाल, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है, क्योंकि पहाड़ों में जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

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