शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सोमवार को उस समय माहौल अचानक गरमा गयाए सुक्खू सरकार के अपने ही सिपहसालार और बिलासपुर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए। यह घटनाक्रम इसलिए और भी अहम माना जा रहा है क्योंकि धरने पर बैठे नेता ने सीधे तौर पर न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि अपने ही क्षेत्र के भाजपा विधायक पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप भी जड़ दिए। धरने पर बैठे बंबर ठाकुर ने बिलासपुर के भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा दी। 

अपनी ही सरकार से नाराज दिखे कांग्रेस नेता

विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठे बंबर ठाकुर ने साफ किया कि उनका विरोध कांग्रेस सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि बिलासपुर में कथित तौर पर सक्रिय माइनिंग माफिया और उसे संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ है। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, उससे यह साफ झलक रहा था कि वे व्यवस्था से गहरी नाराजगी रखते हैं।

 

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भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप

बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिलासपुर में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है और इसमें स्थानीय भाजपा विधायक की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि कॉलेज निर्माण के नाम पर अवैध खनन किया जा रहा है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की खनन गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

ऑपरेशन लोटस से जोड़ा मामला

पूर्व विधायक ने अपने आरोपों को और गंभीर बनाते हुए कहा कि ऑपरेशन लोटस के दौरान कांग्रेस विधायकों की खरीद.फरोख्त में भी बिलासपुर के भाजपा विधायक की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों को ठहराने और पूरी व्यवस्था करने में भी संबंधित व्यक्ति शामिल था, बावजूद इसके अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस जांच में नाम सामने आने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

 

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जांच प्रभावित करने के भी आरोप

बंबर ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि डीजीपी ऑफिस में इस भाजपा विधायक का भाई बैठा हुआ है, जो इस जांच पर असर डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को तुरंत हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके।

जान से मारने की धमकी

पूर्व विधायक ने खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्हें फिर से जान से मारने की धमकियां मिली हैं। इससे पहले 14 मार्च 2025 को उन पर फायरिंग की घटना भी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ था, जबकि हरियाणा पुलिस ने मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है।

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सीएम को ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

धरने के दौरान बंबर ठाकुर ने कहा कि वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, माइनिंग माफिया पर कड़ी कार्रवाई और संबंधित लोगों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक ओर कांग्रेस का ही पूर्व विधायक सड़क पर उतरकर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा पर सीधे आरोप लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बहाने सत्ता और संगठन के भीतर की खींचतान भी सामने आ रही है।

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