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August 12, 2026

हिमाचल : गिरफ्तारी देने थाने पहुंचे पूर्व MLA, सैंकड़ों कार्यकर्ता भी साथ- हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

PM मोदी पर कथित टिप्पणी का मामला

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Political Controversy

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने समर्थकों के साथ सुजानपुर पुलिस थाने पहुंच गए। 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा होने के बाद राणा ने खुद गिरफ्तारी देने की पेशकश की। उनके साथ भाजपा मंडल सुजानपुर और बमसन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस थाने के बाहर काफी देर तक राजनीतिक नारेबाजी और प्रदर्शन का माहौल बना रहा।

PM मोदी पर कथित टिप्पणी का मामला

दरअसल, राजेंद्र राणा के थाने पहुंचने की सूचना के बाद भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस थाने के आसपास राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।

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राजेंद्र राणा ने कहा कि वह किसी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं और यदि सरकार के खिलाफ सवाल उठाना या विपक्ष की भूमिका निभाना अपराध माना जा रहा है तो वह गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि हमीरपुर में कांग्रेस नेताओं के एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था

‘अगर सवाल पूछना गुनाह है तो गिरफ्तारी लें’

 उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने सुजानपुर पुलिस थाने में शिकायत दी थी, लेकिन निर्धारित 48 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। राजेंद्र राणा ने इसी मुद्दे को लेकर पुलिस और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत मिलने पर पुलिस तेजी से मामले दर्ज करती है, लेकिन प्रधानमंत्री से जुड़े कथित आपत्तिजनक बयान के मामले में कार्रवाई नहीं की गई।

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थाने पहुंचने के बाद राणा ने कहा कि अगर सरकार से सवाल पूछना अपराध है तो वह खुद गिरफ्तारी देने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि वह न तो पीछे हटेंगे और न ही जमानत लेने की स्थिति में जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा नेताओं के खिलाफ पुरानी शिकायतों पर भी तत्काल एफआईआर दर्ज की जा सकती है, तो प्रधानमंत्री से जुड़े मामले में 48 घंटे बीतने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने इसी आधार पर सवाल किया कि क्या प्रदेश में अलग-अलग लोगों के लिए अलग कानून लागू हो रहे हैं।

पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप

राणा ने पुलिस से निष्पक्ष तरीके से कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में काम करने के बजाय शिकायतों की निष्पक्ष जांच करे और यदि किसी बयान में कानून का उल्लंघन हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका का भी जिक्र किया। राणा के मुताबिक विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना, जनता से जुड़े मुद्दे उठाना और सत्ता पक्ष से जवाब मांगना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव या मुकदमों से भाजपा कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।

हमीरपुर में बढ़ा सियासी तापमान

राजेंद्र राणा के गिरफ्तारी देने थाने पहुंचने से हमीरपुर की राजनीति में एक बार फिर टकराव खुलकर सामने आ गया। एक तरफ भाजपा ने पुलिस कार्रवाई में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया है, वहीं दूसरी ओर यह मामला आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम में पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शिकायत पर एफआईआर दर्ज होती है या नहीं और कथित बयान की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर दोनों दलों की नजर बनी हुई है।

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